Friday, September 25, 2026

कोरबा: मानिकपुर खदान विस्तार की जनसुनवाई में ग्रामीणों का विरोध, मुआवजा-रोजगार और प्रदूषण नियंत्रण की उठी मांग

कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर खदान के विस्तार को लेकर आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई में ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल समेत ग्रामीणों ने खदान विस्तार से पहले लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामलों का निराकरण करने के साथ स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।

भू-विस्थापितों के लंबित मामलों के निराकरण की मांग

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि खदान विस्तार से पहले पुराने भू-विस्थापितों के लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी रखी।

कोयला परिवहन से प्रदूषण का मुद्दा उठा

ग्रामीणों ने कोयला परिवहन के दौरान होने वाले धूल और वायु प्रदूषण पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि कोयला परिवहन करने वाले सभी वाहनों को पूरी तरह त्रिपाल से ढका जाए और प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाएं।

इसके अलावा खदान विस्तार से पहले क्षेत्र में वायु, जल, ध्वनि और धूल प्रदूषण का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी आकलन कराने की मांग की गई।

स्वास्थ्य सुविधाएं और शिकायत निवारण तंत्र की मांग

जनसुनवाई में क्षेत्र में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने और मजदूरों को जरूरी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपकरण देने की मांग भी उठी। ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र बनाने की बात कही।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि भू-विस्थापितों के अधिकार, मजदूरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई के बाद ही खदान विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।