Wednesday, September 30, 2026

कोरबा गैंगरेप मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा

गैंगरेप के आरोपियों को 20 साल की सजा - Dainik Bhaskarकोरबा। लेमरू थाना क्षेत्र के गैंगरेप मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला गवाहों के बयान, पुलिस जांच, मेडिकल साक्ष्यों और FSL-DNA रिपोर्ट के आधार पर सुनाया। दोनों दोषियों की पहचान हसरुहन मंझवार और अजय सिंह के रूप में हुई है।

रात में घर में घुसकर वारदात का आरोप

अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी के अनुसार, दोनों आरोपी उसी गांव के रहने वाले हैं। पीड़िता गांव में अकेली रहती थी। आरोप है कि रात के समय दोनों आरोपी उसके घर में जबरन घुसे और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के बाद पीड़िता ने सुबह लेमरू थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

FSL और DNA रिपोर्ट से सामने आए वैज्ञानिक साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में घटना से इनकार कर दिया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने DNA और FSL रिपोर्ट आने तक सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

पुलिस ने आरोपियों के DNA सैंपल समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए FSL भेजा था। रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य मिले। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज कराया।

दूसरे बयान में पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद डर और दबाव के कारण उसने अदालत में पहले वारदात से इनकार किया था। बाद में उसने अपने साथ गैंगरेप होने की बात स्वीकार की।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष गवाहों के बयान, पुलिस की जांच, मेडिकल साक्ष्य और FSL-DNA रिपोर्ट पेश की। उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने हसरुहन मंझवार और अजय सिंह को दोषी ठहराया।