सुकमा। Sukma News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक ग्राम सभा का प्रस्ताव चर्चा में है। पुनपल्ली ग्राम पंचायत में हुई ग्राम सभा में ईसाई और धर्मांतरित व्यक्तियों को गांव में शव दफनाने के लिए जमीन नहीं देने का निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा चर्च निर्माण, प्रार्थना सभा और चर्च से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए भी भूमि उपलब्ध नहीं कराने का प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी है।
मामला पोलमपल्ली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर भी इस निर्णय का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है।
चर्च और प्रार्थना सभा के लिए जमीन नहीं देने का प्रस्ताव
सामने आई जानकारी के अनुसार ग्राम सभा में चर्च निर्माण, प्रार्थना सभा और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए गांव की भूमि नहीं देने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही धर्मांतरित लोगों के शवों को दफनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराने का भी प्रस्ताव बताया जा रहा है।
हालांकि, इस प्रस्ताव की कानूनी वैधता और इसके क्रियान्वयन की स्थिति प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट होना बाकी है।
पादरी और धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक का उल्लेख
ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर लगाए गए निर्णय में पादरी और ईसाई धर्म प्रचारकों के गांव में प्रवेश पर रोक की बात भी कही गई है। इसमें धर्मांतरण, प्रार्थना सभा और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने का उल्लेख होने की जानकारी है।
इस निर्णय को लेकर अब इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
पारंपरिक व्यवस्था और सामुदायिक हित का दिया हवाला
मामले में जनपद सदस्य मड़कम भीमा ने कहा कि ग्राम सभा का निर्णय पारंपरिक व्यवस्था, सामाजिक एकता और सामुदायिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
उन्होंने इस फैसले के संदर्भ में पेसा कानून का भी हवाला दिया है। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका और अधिकारों को लेकर पेसा कानून महत्वपूर्ण प्रावधान करता है।
प्रशासन की भूमिका पर भी नजर
ग्राम सभा के प्रस्ताव के सामने आने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर इसकी समीक्षा और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खासतौर पर धार्मिक स्वतंत्रता, भूमि के उपयोग और ग्राम सभा के अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के संदर्भ में इस निर्णय की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
फिलहाल यह मामला पुनपल्ली ग्राम पंचायत और पोलमपल्ली थाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।










