बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में 22 वर्षीय छात्रा पर हुए एसिड अटैक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, छात्रा पर हमला मुख्य आरोपी ने अपने दोस्त से करवाया था। घटना में छात्रा का चेहरा, दाहिना हिस्सा और आंख के आसपास का हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया है। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
लाइब्रेरी से लौटते समय किया हमला
पुलिस के अनुसार छात्रा आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। इसी दौरान आमापारा आत्मानंद स्कूल के सामने सिंचाई कॉलोनी में आरोपी ने उस पर एसिड फेंक दिया।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी यश सोनकर छात्रा के साथ पहले कोचिंग में पढ़ चुका था। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच करीब डेढ़ साल से संबंध थे। आरोपी छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन उसे शक था कि वह दूसरे युवकों से बातचीत करती है। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने बचपन के दोस्त से छात्रा पर हमला करवाने की साजिश रची।
पहले भी हमले की थी योजना
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने लैब में इस्तेमाल होने वाला करीब 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड 26 सितंबर को दुर्ग से खरीदा था। 27 सितंबर को गणेश विसर्जन के दौरान छात्रा पर हमला करने की योजना थी, लेकिन उस दौरान आरोपी खुद झुलस गया और वारदात टल गई।
इसके बाद 5 अक्टूबर को आरोपी ने साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किया गया बचा हुआ एसिड भी जब्त कर लिया है।
कोर्ट में आरोपियों को ले जाते समय हंगामा
मंगलवार शाम दोनों आरोपियों को बालोद कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया। इस दौरान पटेल मैदान के सामने भीड़ ने पुलिस वाहन रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
पुलिस के अनुसार भीड़ ने आरोपियों पर काला-नीला रंग फेंका और उन्हें जूते की माला पहनाने का प्रयास किया। कुछ छात्राओं ने आरोपियों की पिटाई की कोशिश भी की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी है।
करीब डेढ़ घंटे तक छात्र-छात्राओं ने कोर्ट परिसर के आसपास प्रदर्शन किया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने आरोपियों को बाद में कोर्ट के पीछे के रास्ते से दूसरे वाहन में जेल भेजा।
अधिवक्ताओं ने केस नहीं लड़ने की कही बात
घटना को लेकर बालोद में आक्रोश का माहौल है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने भी आरोपियों का केस नहीं लड़ने की बात कही। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में मानपुर-मोहला जिले में पदस्थ हैं। वहीं मुख्य आरोपी ने वारदात से पहले अपने बचपन के दोस्त को बालोद बुलाया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को उम्मीद थी कि बाहर से आया उसका दोस्त वारदात के बाद आसानी से फरार हो जाएगा, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे कोंडागांव से गिरफ्तार कर लिया।











