महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा में वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और दो अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस बेचने की सूचना पर गश्त के लिए पहुंची टीम को कुछ लोगों ने घेर लिया और रेंजर व डिप्टी रेंजर के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों को करीब 5 घंटे तक एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान रेंजर का पर्स और डिप्टी रेंजर का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
जंगली सुअर के शिकार की सूचना पर पहुंची थी टीम
वन विभाग के मुताबिक, रेंजर नवीन वर्मा मंगलवार रात वन अमले के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में गश्त के लिए निकले थे। विभाग को क्षेत्र में जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस बेचने की सूचना मिली थी।
टीम में डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वनरक्षक टोमन दीवान, वॉचर महेश चंद्राकर, वॉचर पूनम साहू और ड्राइवर हरदेव वर्मा भी शामिल थे।
गश्त के दौरान तमोरा में कुछ लोगों के साथ वन अमले का विवाद हो गया। आरोप है कि लोगों ने वनकर्मियों से गाली-गलौज शुरू कर दी और इसके बाद लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
कर्मचारियों के हटने के बाद फंसे अधिकारी
बताया जा रहा है कि मौके पर लोगों की संख्या अधिक होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। विवाद बढ़ने पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी वहां से हट गए, जबकि रेंजर नवीन वर्मा और डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा मौके से निकल नहीं पाए।
आरोप है कि दोनों अधिकारियों को जबरन एक मकान में ले जाकर करीब पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और सामान भी छीन लिया गया।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने कराया मुक्त
दोनों अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा घेरे में दोनों अधिकारियों को बाहर निकाला गया। मारपीट में घायल रेंजर और डिप्टी रेंजर का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और पूरे विवाद की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े विवाद को भी मामले की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।











