Friday, October 9, 2026

छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक, दिव्यांग आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप; सरकार से मांगा जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण में कथित गड़बड़ी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षक और सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण से संबंधित प्रावधानों को चुनौती देते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांगों के आरक्षण संबंधी नियमों का उचित तरीके से पालन नहीं किया गया है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूंगटा ने पक्ष रखते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों पर सवाल उठाए।

पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने का आरोप

याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते ऐसे अभ्यर्थियों के भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।

अधिवक्ता ने सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि दिव्यांगों के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को लागू करने में कथित अनियमितता बरती गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, दिव्यांगों की कुछ अन्य श्रेणियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को इसका लाभ देने का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।

याचिका में इस व्यवस्था को समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों के प्रतिकूल बताया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है।

हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और मामले में जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश से शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इस मामले में अब राज्य सरकार के जवाब और हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर नजर रहेगी। भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति न्यायालय के आगे के आदेशों और संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचनाओं पर निर्भर करेगी।

रविवार को होने वाली परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस

व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से रविवार को प्रस्तावित भर्ती परीक्षा को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभ्यर्थियों के मन में परीक्षा आयोजित होने या स्थगित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा स्थगित करने या आगे की प्रक्रिया के संबंध में सरकार अथवा व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से अलग से कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।