कोरबा। जिले में एक बार फिर “पावर बनाम जनता” की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। परसाभाटा चौक से अमरनाथ होटल तक जाने वाले सार्वजनिक मार्ग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि BALCO वेदांता प्रबंधन ने इस सड़क को अवैध रूप से बंद कर उस पर कब्जा कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, जिस सड़क को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और नगर निगम कोरबा ने आम जनता की सुविधा के लिए विकसित किया था, उसे अब निजी संपत्ति की तरह बंद कर दिया गया है। रास्ते पर कंक्रीट की दीवार खड़ी कर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न सिर्फ अतिक्रमण है, बल्कि कानून और प्रशासन को खुली चुनौती भी है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन निगम आयुक्त आर. एक्का ने इसी स्थान पर बनाई गई अवैध दीवार को हटाकर रास्ता बहाल किया था। लेकिन 2016-17 के दौरान फिर से सड़क को बंद कर कब्जा कर लिया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब एक बार इसे अवैध घोषित किया जा चुका था, तो दोबारा यह कब्जा कैसे हो गया और किसके संरक्षण में यह संभव हुआ?
नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोग पूछ रहे हैं—
क्या नोटिस सिर्फ औपचारिकता है?
क्या बड़ी कंपनियों के सामने कानून कमजोर पड़ जाता है?
रास्ता बंद होने के कारण लोगों को अब बेलगिरी नाला के पास रिंग रोड से होकर गुजरना पड़ रहा है, जहां भारी वाहनों का दबाव रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है।









