Sunday, September 20, 2026

BJP का विधानसभा थाने में हाईवोल्टेज ड्रामा:कार्यकर्ता को छुड़ाया, पुलिस से बदसलूकी; अब थानेदार पर कार्रवाई को लेकर आज राजभवन तक मार्च

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को माना बस्ती के पास काले झंडे दिखाने की घटना शनिवार रात तक बड़ा राजनीतिक बवाल बन गई, मारपीट हुई। पुलिस कर्मियों से बदसलूकी हुई। आरोपियों को छुड़ाने के लिए भाजपा नेताओं ने विधानसभा थाने का घेराव कर लगभग उस पर कब्जा ही कर लिया। इस दौरान पुलिस समझौता करने की कोशिश में ही जुटी रही। अब भाजपा ने इस मामले में साइबर सेल प्रभारी पर कार्रवाई की मांग लेकर आंदोलन की घोषणा की है।

बवाल की शुरुआत शनिवार शाम 4 बजे हुआ जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री रुद्र गुरु के बंगले के सामने खड़े मुंगेली से आए तीन-चार युवकों को पीट दिया। आरोप है कि वे लोग केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, उनमें से कोई काला झंडा नहीं दिखा रहा था बल्कि एक ने काले-सफेद रंग का कुर्ता और एक ने काली जैकेट पहनी थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने शुभांकर द्विवेदी, राहुल राव सहित कई कार्यकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज की।

उसके बाद भाजपा के दो कार्यकर्ताओं को पकड़ा तो पूर्व मंत्री राजेश मूणत पुलिस अफसरों से बदसलूकी पर उतर आए। विवाद टालने के चक्कर में पुलिस आरोपियों को लेकर चली तो राजेश मूणत भी पुलिस की गाड़ी में ही सवार हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया, बवाल की आशंका को देखते हुए उन्हें शहर से दूर किसी थाने में ले जाने की कोशिश हो रही थी। विधानसभा थाने को पार करता देख मूणत चिल्लाने लगे और गाड़ी से कूदने की धमकी दी।

उसके बाद पुलिस ने सभी को विधानसभा थाने में बैठा लिया। यहां से मूणत ने एक वीडियो जारी कर खुद के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उनका कहना था, सादी वर्दी में आए चार लोगों ने कार्यकर्ता को मारापीटा। उनको भी सिर पर मारा और मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वहां भाजपा के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने लगी। रात में चार घंटे से अधिक समय तक विधानसभा थाना भाजपा नेताओं के कब्जे में था।