कोरबा, 9 जनवरी 2025: सराफा व्यापारी गोपाल राय सोनी की निर्मम हत्या ने कोरबा शहर को झकझोर कर रख दिया है। वारदात की पेचीदगी और सुरागों की कमी के बीच पुलिस के सामने यह मामला चुनौतीपूर्ण बन गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम हर दिशा में जांच कर रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।

लावारिस हालत में मिली क्रेटा कार

हत्या के तीसरे दिन मंगलवार सुबह पुलिस को बालको थाना क्षेत्र के रिस्दा मोहल्ले में वारदात के बाद इस्तेमाल की गई एक क्रेटा कार (क्रमांक JH01CC4455) मिली। स्थानीय निवासी आशा देवांगन ने बताया कि कार सोमवार सुबह से लावारिस हालत में खड़ी थी। पार्षद देवीदयाल सोनी को सूचित किया गया, जिन्होंने पुलिस को जानकारी दी।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वाड के ट्रेनर सुनील कुमार गुप्ता ने कार की जांच की। कार के अंदर से कई अहम सुराग मिले, लेकिन हत्या के बाद मौके से गायब सूटकेस, मोबाइल और DVR बरामद नहीं हो सके।

सुनियोजित वारदात के संकेत

अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि अपराधियों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया।

  • अपराधियों को गोपाल राय के घर की हर गतिविधि, उनके बीमार पत्नी की सेवा में आने-जाने वाली नर्स का समय, और परिवार के सदस्यों के रूटीन की पूरी जानकारी थी।
  • वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने भागने के लिए कार का इस्तेमाल किया और फिर उसे लावारिस छोड़कर संभवतः दूसरे वाहन का सहारा लिया।
  • हत्या के उद्देश्य को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह लूटपाट के लिए किया गया था, या फिर यह कोई व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम है?

पुलिस की जांच और संभावनाएं

पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर दिया है। अलग-अलग टीमों को विभिन्न पहलुओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

  1. फोरेंसिक और डॉग स्क्वाड: मौके से मिले सबूतों और कार की जांच के आधार पर सुराग इकट्ठा किए जा रहे हैं।
  2. स्थानीय जानकारी: यह संभावना जताई जा रही है कि अपराधी स्थानीय इलाके के रास्तों और घर की जानकारी में निपुण थे।
  3. प्रारंभिक निष्कर्ष: वारदात से जुड़े तथ्य यह संकेत देते हैं कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और इसमें शामिल अपराधियों का मकसद केवल लूट से अधिक हो सकता है।

समाज में भय और सवाल

गोपाल राय सोनी की हत्या ने कोरबा के सराफा व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या शहर में अपराधी इतने संगठित हो चुके हैं कि वे इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने में सक्षम हैं।

पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी

पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

अंतिम सवाल

गोपाल राय सोनी की हत्या का उद्देश्य क्या था? क्या यह केवल एक सुनियोजित डकैती थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे। फिलहाल, पूरा शहर पुलिस की कार्रवाई और इस गुत्थी के सुलझने का इंतजार कर रहा है।