Thursday, March 19, 2026

CG से कोयला नहीं पहुंचा तो 3 राज्यों पर संकट:राजस्थान, UP और दिल्ली की हो सकती है बिजली गुल, देश की बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी SECL ने बिजली कंपनियों को जिम्मेदार बताया

देश के कई राज्यों में बत्ती गुल होने का संकट खड़ा हो गया है। यह विद्युत उत्पादन कंपनियों और डिस्कॉम के कुप्रबंधन का नतीजा है। कोरोना काल में जब बिजली की मांग कम थी तो इन कंपनियों ने कोल इंडिया से कोयला लेने में आनाकानी की। यहां तक कि कोयला खरीदी से जुड़े करार को भी रिन्युवल नहीं कराया। जब अगस्त में बिजली की मांग बढ़ी तो कोयले की आपूर्ति की कड़ी टूट गई। इसका असर छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों को नहीं पड़ेगा, लेकिन आशंका है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में अंधेरा छा सकता है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ पूरे देश की जरूरत का 20 प्रतिशत कोयला देता है। यहां कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी साउथ-इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (SECL) की 41 खदानें हैं। इसमें से ओपन कास्ट खदानों की संख्या अधिक है। यहां से सालाना 150 लाख मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन होता है। कोरबा जिले की ही खदानों से SECL 130 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालती है। अफसरों के मुताबिक, कायदे से बिजली कंपनियों को 24 दिन उपयोग के बराबर कोयला स्टॉक रखना होता है। पिछले साल कोरोना संकट में लॉकडाउन लगा तो बिजली की मांग कम हो गई।