कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी में लापता हुए आरक्षक सुनील बेक का शव करीब 72 घंटे बाद सोमवार को बरामद कर लिया गया। मोरगा चौकी क्षेत्र में केंदई के पास पुल से नदी में छलांग लगाने की आशंका के बाद एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश अभियान चला रही थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
पुल पर मिली थी आरक्षक की बाइक और दस्तावेज
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को केंदई के पास पुल पर आरक्षक की बाइक क्रमांक CG 14 MX 1898 खड़ी मिली थी। बाइक के पास मोबाइल फोन, पर्स, पुलिस पहचान पत्र और आधार कार्ड भी बरामद हुए थे।
मौके पर मिले सामान के आधार पर पुलिस ने आरक्षक के हसदेव नदी में छलांग लगाने की आशंका जताई थी। दस्तावेजों की जांच में बाइक सुनील बेक की होने की जानकारी सामने आई।
एसडीआरएफ ने चलाया करीब 72 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने पर मोरगा चौकी प्रभारी मंगतू राम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां से बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया। इसके बाद नदी में आरक्षक की तलाश के लिए एसडीआरएफ के गोताखोरों की टीम को बुलाया गया।
टीम ने लगातार तलाशी अभियान चलाया। करीब 72 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार को सुनील बेक का शव बरामद किया गया।
सरगुजा जिले में पदस्थ थे आरक्षक सुनील बेक
सुनील बेक सरगुजा जिले में प्रेमनगर थाना अंतर्गत तारापुर चौकी में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरक्षक किन परिस्थितियों में पुल तक पहुंचे और घटना के पीछे क्या कारण रहे। अभी तक घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






