कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से एक अनोखी शादी की खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है। कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बैलगांव में एक युवक ने दो युवतियों के साथ एक ही मंडप में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ शादी का वीडियो
इस अनोखे विवाह का निमंत्रण पत्र और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्ड में एक दूल्हे के साथ दो दुल्हनों के नाम छपे हैं। वहीं वीडियो में दूल्हा दोनों दुल्हनों का हाथ थामे अग्नि के फेरे लेते और रस्में निभाते नजर आ रहा है। शादी में शामिल ग्रामीणों और दोस्तों ने जमकर नृत्य किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
कौन हैं नवदंपति
दूल्हा हितेश (पिता गजेंद्र यादव, ग्राम बैलगांव) है। उसकी पहली दुल्हन फुलबती (स्व. बुद्धुराम नाग की पुत्री, ग्राम शंकरपुर) और दूसरी दुल्हन यामिनी (स्व. भावसिंह देहारी की पुत्री, ग्राम बनियागांव) हैं।
दो दिन तक चली शादी की रस्में
यह विवाह पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। 23 मार्च 2026 को मंडपाच्छादन और हल्दी की रस्म (हरिद्रालेपन) हुई, जबकि 24 मार्च को पाणिग्रहण, लग्न और आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया।
सामाजिक सहमति से हुआ विवाह
ग्रामीणों के अनुसार, यह शादी पूरी तरह से तीनों परिवारों की आपसी सहमति और समाज के बुजुर्गों के आशीर्वाद से हुई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। यह विवाह किसी छुपाव में नहीं, बल्कि खुले तौर पर पूरे गांव की मौजूदगी में हुआ।
कानूनी पहलू भी चर्चा में
हालांकि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक से अधिक विवाह को मान्यता नहीं है, लेकिन बस्तर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और स्थानीय सहमति के चलते ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर परंपरा और कानून के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है।
बस्तर की परंपराएं फिर चर्चा में
बस्तर क्षेत्र अपनी अनोखी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। इस शादी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की सामाजिक संरचना और रीति-रिवाज मुख्यधारा से अलग और विशिष्ट हैं, जो अक्सर लोगों को हैरान कर देते हैं।









