सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया, लेकिन केंद्र का मुख्य गेट बंद था। काफी देर तक मदद मांगने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला और महिला ने अस्पताल के गेट के सामने ही बच्चे को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
रात 11 बजे गर्भवती को लेकर पहुंचे थे अस्पताल
जानकारी के अनुसार, गणेशपुर (श्रीनगर) निवासी अनिल कुमार सारथी की पत्नी को बुधवार रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर रात करीब 11 बजे गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल का मुख्य दरवाजा बंद था और उस समय कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं थी।
परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली। इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई और अस्पताल के गेट के सामने ही प्रसव हो गया।
नवजात की मौत, प्रसूता की हालत गंभीर
परिजनों के अनुसार, जन्म के कुछ देर बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। परिजनों ने महिला की हालत गंभीर बताई है।
परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, नवजात की मौत के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने विरोध प्रदर्शन कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ताला लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रसव जैसी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दो स्वास्थ्यकर्मी सस्पेंड
मामले की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने जांच कराई। विभागीय कार्रवाई के तहत गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक राजेश पटेल और सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) प्रमिला गिरी को निलंबित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और तथ्यों के आधार पर अन्य कदम उठाए जाने की संभावना है।
स्वास्थ्य केंद्रों में आपात सेवाओं पर उठे सवाल
गणेशपुर की इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की उपलब्धता और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसव जैसी स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है। अब यह जांच का विषय है कि घटना के समय स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी क्यों उपलब्ध नहीं थे और सूचना मिलने के बाद क्या कदम उठाए गए।








