रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (SSR-2027) की समय-सारणी निर्धारित कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को होगा। इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, विवरण में संशोधन कराने और दावा-आपत्ति दर्ज करने के लिए 11 दिसंबर 2026 तक का समय मिलेगा।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
SSR-2027 के तहत मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। नागरिक इस सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांच सकेंगे।
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है, तो निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक आवेदन किया जा सकता है।
11 दिसंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इस दौरान पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, दर्ज विवरण में संशोधन कराने या नियमानुसार अन्य आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना अपनी जानकारी की जांच कर लें, ताकि किसी तरह की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।
4 जनवरी 2027 को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके लिए निर्वाचन संबंधी निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा।
मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी पात्र नागरिकों को सूची में अपना नाम और व्यक्तिगत विवरण अवश्य जांचना चाहिए।
पात्र नागरिकों से नाम जांचने की अपील
भारत निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचने की अपील की है। यदि नाम दर्ज कराने या किसी विवरण में सुधार की आवश्यकता हो, तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना चाहिए।
SSR-2027 का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल करना है। मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से इस प्रक्रिया को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकता है।







