Thursday, October 15, 2026

CG Teacher Bharti News: 12,489 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन रद्द, हाईकोर्ट का फैसला; नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अधीन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12,489 शिक्षकों की भर्ती से जुड़े आरक्षण रोस्टर मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस एके प्रसाद की एकल पीठ ने वर्ष 2023 में जारी भर्ती विज्ञापन को रद्द कर दिया है। यह भर्ती 29 नवंबर 2012 की आरक्षण अधिसूचना और उसके आधार पर तैयार किए गए मॉडल रोस्टर के अनुसार की जा रही थी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं होगी और पहले से नियुक्त शिक्षकों को तत्काल हटाया नहीं जाएगा। उनकी नियुक्तियों और भविष्य की पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

12,489 पदों की शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राज्य शासन ने 4 मई 2023 को सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता (लेक्चरर) के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के माध्यम से विज्ञापन जारी किया था। इसमें सरगुजा और बस्तर संभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए आरक्षण रोस्टर निर्धारित किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने भर्ती में लागू आरक्षण रोस्टर को चुनौती देते हुए कहा था कि यह उस आरक्षण व्यवस्था पर आधारित है, जिसे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही निरस्त कर चुकी थी। मामले की सुनवाई के बाद एकल पीठ ने 2023 के भर्ती विज्ञापन को रद्द कर दिया।

60 प्रतिशत से अधिक आरक्षण का मुद्दा

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए निर्धारित पदों का अनुपात 60 प्रतिशत से अधिक था। उनके अनुसार, इससे अनारक्षित और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए उपलब्ध पदों पर असर पड़ा।

याचिका में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक:

  • E-कैडर: कुल 1,113 पदों में से 698 पद ST वर्ग के लिए आरक्षित थे, जो लगभग 62.71 प्रतिशत है।
  • T-कैडर: कुल 4,659 पदों में से 3,105 पद ST वर्ग के लिए आरक्षित थे, जो लगभग 66.64 प्रतिशत है।

याचिकाकर्ताओं ने इन आंकड़ों के आधार पर आरक्षण रोस्टर की वैधता पर सवाल उठाए थे।

2012 की आरक्षण अधिसूचना को 2022 में किया गया था रद्द

राज्य सरकार ने 29 नवंबर 2012 की अधिसूचना के जरिए छत्तीसगढ़ में आरक्षण का कुल प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया था। इसके तहत अनुसूचित जाति (SC) को 12 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (ST) को 32 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 19 सितंबर 2022 को इस आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े मॉडल रोस्टर को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद 2023 में इसी व्यवस्था के आधार पर नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले से जुड़ा रहेगा फैसला

हाईकोर्ट के समक्ष यह दलील भी रखी गई कि राज्य सरकार ने आरक्षण व्यवस्था को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 1 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने पहले से चल रही भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया को अंतिम फैसले के अधीन पूरा करने की अनुमति दी थी।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि इस आदेश के आधार पर पहले निरस्त की जा चुकी आरक्षण व्यवस्था के तहत नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय पहले से नियुक्त शिक्षकों को तत्काल हटाने से राहत दी है। नियुक्तियों और आगे होने वाली पदोन्नति पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के परिणाम का प्रभाव रहेगा।

शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की नजर आगे की प्रक्रिया पर

इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त शिक्षकों के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। भर्ती विज्ञापन रद्द होने के बाद आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह संबंधित आदेशों और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के परिणाम पर निर्भर करेगा।