रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद अब राहत के आसार नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, कई जिलों में आज भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश की कई नदियां और नाले उफान पर हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है, जबकि गरियाबंद में एक मकान ढह गया।
इन जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बस्तर, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर अचानक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
खारुन नदी का जलस्तर बढ़ा, पुराना पुल डूबा
रायपुर में लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण खारुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके चलते रायपुर-दुर्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल पानी में डूब गया।
पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बहने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को पुल से गुजरने से रोका जा रहा है।
महादेव घाट में गणेश विसर्जन के लिए बदली व्यवस्था
महादेव घाट में जलस्तर बढ़ने के कारण गणेश विसर्जन की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। फिलहाल विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। समिति के सदस्य दूसरे रास्ते से घाट तक पहुंच रहे हैं।
वहीं, जलस्तर कम नहीं होने के कारण अमलेश्वर जाने वाला रास्ता भी ब्लॉक है। प्रशासन और पुलिस की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई जगह राहत और बचाव दलों ने बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया।
गरियाबंद में बारिश के दौरान एक मकान ढहने की घटना भी सामने आई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा ले रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
आज बारिश कम होने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, कुछ जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। नदी-नालों का जलस्तर सामान्य होने में समय लग सकता है, इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।











