कोरबा : Korba Weather News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों का असर दिखाई देने लगा है। बुधवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कोरबा में सुबह से बारिश, लोगों की बढ़ी परेशानी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बुधवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आसमान में काले बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना काम के लिए घर से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग छाता और रेनकोट लेकर घर से निकले, जबकि कुछ लोगों को बारिश में भीगना पड़ा।
मौसम में आए बदलाव के बाद तापमान और ठंड के प्रभाव में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले के मौसम पर लोगों की नजर बनी हुई है।
28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़ी चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
किसानों को धान की कटाई दो से तीन दिन टालने की सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई फिलहाल दो से तीन दिन टालने की सलाह दी गई है।
वहीं, जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने के लिए कहा गया है। खेतों में जलभराव रोकने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह भी दी गई है, ताकि बारिश से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई फिलहाल रोकने की सलाह
कृषि विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई फिलहाल रोकने की सलाह दी है। किसानों को रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा लौकी और करेला जैसी बेल वाली सब्जियों को सहारा देने तथा फल लगे केले के पौधों को बांस से बांधकर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। रबी मौसम की सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने की सलाह दी गई है।
पशुपालक भी रहें सतर्क, पशुओं को सूखे स्थान पर रखें
बारिश और खराब मौसम को देखते हुए पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। पशुओं के लिए चारा और साफ पानी की उचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।
वज्रपात की आशंका के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। खराब मौसम में खुले मैदानों और असुरक्षित स्थानों पर जाने से भी बचना चाहिए।
बांगो बांध के गेट खुलने की आशंका, हसदेव नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट
लगातार बारिश और बांध में पानी की आवक बढ़ने की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। इसे लेकर जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने, पानी में नहाने और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की है। लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही निर्णय लेने की सलाह दी गई है।







