Tuesday, September 22, 2026

CGPSC Case: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट, 2020-21 परीक्षा में कथित गड़बड़ी और मनी ट्रेल की जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच आगे बढ़ी है। पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के खिलाफ ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। एजेंसी ने सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था।

ED की जांच मूल मामले में दर्ज EOW/ACB प्रकरण और बाद में CBI की जांच से जुड़े तथ्यों पर आधारित है। CBI ने भी सोनवानी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

2020 और 2021 की परीक्षा जांच के घेरे में

जांच एजेंसियों के अनुसार, CGPSC की 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं। ED इन आरोपों से जुड़े कथित आर्थिक लेन-देन और अपराध से अर्जित आय की कड़ियों की जांच कर रही है।

ED ने सितंबर 2026 में भी रायपुर, दुर्ग और जशपुर में पांच स्थानों पर तलाशी ली थी। इस कार्रवाई में डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए तथा उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था।

कथित मनी ट्रेल की भी जांच

ED की जांच का एक प्रमुख हिस्सा कथित अवैध रकम के लेन-देन और उसकी मनी ट्रेल है। एजेंसी ने अलग-अलग आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की है। सितंबर में ED ने बताया था कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल जारी है।

अदालती रिकॉर्ड में भी सोनवानी समेत कई आरोपियों के खिलाफ 2020-22 की अवधि में CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर परिजनों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों का उल्लेख है।

जांच का दायरा बढ़ा

सितंबर में ED ने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया को भी इस मामले में गिरफ्तार किया। एजेंसी के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी 2020 और 2021 की CGPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है।

ED के अनुसार, जांच में कुछ आरोपियों के बीच कथित वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों से पैसे लेने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। इन आरोपों और जांच के निष्कर्षों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।

आगे जारी रहेगी न्यायिक प्रक्रिया

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। ED कथित Proceeds of Crime, उसके स्रोत और लेन-देन की कड़ियों के साथ मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी आगे बढ़ा रही है। मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।