रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई के बाद बुधवार को ईडी की टीम ने प्रदेश में पांच अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई घोटाले के आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई।
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के ग्राम सरबदा स्थित निवास, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित घर, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास, राज्यपाल के पूर्व सचिव आईएएस अमृत खलको के तालपुरी (भिलाई) स्थित आवास तथा आरोपी ललित गणवीर के भाई एवं कृषि विस्तार अधिकारी भूपेंद्र गणवीर के राजनांदगांव स्थित शिक्षक कॉलोनी निवास पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और परिवार के सदस्यों से पूछताछ भी की जा रही है। माना जा रहा है कि एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।
2020 से 2022 की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप
CGPSC भर्ती घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर की गई। डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
CBI जांच में सामने आए थे कई खुलासे
जुलाई 2023 में राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई की जांच में आरोप सामने आए कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी ने नियमों में बदलाव कर अपने परिजनों को फायदा पहुंचाया। प्रश्नपत्र लीक कर परीक्षा में सफलता दिलाने और चयन प्रक्रिया में पक्षपात करने के आरोप भी जांच में शामिल रहे।
मामले में तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप नियंत्रक ललित गणवीर समेत कई अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। सभी प्रमुख आरोपी वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
कई गिरफ्तारियां, कुछ आरोपियों को मिली जमानत
सीबीआई ने इस मामले में टामन सोनवानी के अलावा बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके पुत्र शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कुछ आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।
ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।








