Sunday, October 4, 2026

Chhattisgarh News: सस्पेंडेड IPS रतन लाल डांगी पर यौन शोषण के आरोपों की शुरुआती जांच में आरोप सही, हाईकोर्ट में दी गई जानकारी

रायपुर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS अधिकारी रतन लाल डांगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक SI की पत्नी द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने की जानकारी पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट में दी है। मामले में जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भी गृह विभाग को भेजा गया है।

पुलिस विभाग की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि DGP ने जांच अधिकारी बदलने के लिए गृह सचिव को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की जानकारी दी गई है। सक्षम स्तर से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

SI की पत्नी ने लगाया था यौन शोषण का आरोप

मामला पुलिस विभाग में पदस्थ एक SI की पत्नी की शिकायत से जुड़ा है। महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि IPS रतन लाल डांगी पिछले करीब सात वर्षों से उसका कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं।

इन आरोपों के बाद डांगी को पद से हटाया गया था और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि, रतन लाल डांगी ने आरोपों को झूठा बताया है। मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

पीड़िता ने प्राथमिक जांच पर उठाए थे सवाल

महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्राथमिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जांच के दौरान उसका पक्ष उचित तरीके से नहीं सुना गया और आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास किया गया।

पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच अधिकारी बदलने की मांग की थी। उसने किसी वरिष्ठ अधिकारी, विशेष रूप से महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की इच्छा जताई थी।

दो अधिकारियों को जांच से हटाने की थी मांग

याचिका के मुताबिक, शिकायत की प्राथमिक जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और तत्कालीन DIG मिलना कुर्रे को दी गई थी। पीड़िता ने इन अधिकारियों के नेतृत्व में जांच को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

उसका तर्क था कि जांच अधिकारियों की रैंक और पद को देखते हुए उसे निष्पक्ष जांच की आशंका है। इसी आधार पर उसने दोनों अधिकारियों को जांच से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी।

DGP ने गृह सचिव को भेजा जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव

हाईकोर्ट में पुलिस विभाग ने बताया कि DGP की ओर से गृह सचिव को जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, प्रस्ताव पर सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय होना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद नई जांच टीम के स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ेगा मामला

मामले में पुलिस विभाग की ओर से जांच की स्थिति और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी हाईकोर्ट को दी गई है। अब अगली सुनवाई में जांच अधिकारी बदलने की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

पीड़िता के वकील अभिषेक पांडेय के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है।

फिलहाल शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा। रतन लाल डांगी की ओर से आरोपों को पहले ही झूठा बताया जा चुका है।