कोरबा.22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। अयोध्या आंदोलन में कारसेवा के लिए छत्तीसगढ़ के कोरबा से भी 56 लोग गए थे, जिसमें एक को गोली लगी थी, जिनकी मौत 2023 में हुई है। इनका नाम गैस राम चौहान था। 56 में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि अन्य लोगों को हल्की चोटें आई थी। इस दिन के भयंकर मंजर के बारे में कोरबा के डालचंद सोनी ने पूरी व्यथा सुनाई।
कोरबा के एसईसीएल दीपका परियोजना में फोरमैन के पद पर पदस्थ डालचंद सोनी ग्राम पंचायत छुरीकला के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आह्वान पर श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए 24 अक्टूबर 1990 को कार सेवक ठाकुर जुड़ावन सिंह के नेतृत्व में 56 लोगों का जत्था अयोध्या जाने के लिए निकला था।

यमुना नदी को पार कर इलाहाबाद पहुंचे
उन्होंने बताया कि कोरबा जिला के अनेक कार सेवक ट्रेन के माध्यम से बिलासपुर से इलाहाबाद के रास्ते अयोध्या गए थे। उसमें जनता दल की सरकार थी। मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे। इलाहाबाद में कार सेवकों को पुलिस गिरफ्तार कर रही थी। इसकी सूचना मिलने पर एक स्टेशन पहले नैनी में उतरकर नाव के माध्यम से यमुना नदी को पार कर इलाहाबाद पहुंचे।

छोटे, बड़े, बूढ़े सबको लाठी डंडे से पीटा गया
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद में एक आम सभा के बाद सभी को अयोध्या कूच करने का आदेश हुआ। इलाहाबाद के आगे बड़ी पुल पर अंधेरा का फायदा उठाकर हम सभी गए थे, लेकिन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। बड़ी बर्बरता से सभी को मारा गया। छोटे, बड़े, बूढ़े सबको लाठी डंडे से पीटा गया। उस भगदड़ में अनेक कार सेवक घायल हो गए। भगदड़ में हमसे कई साथी बिछड़ गए। हमें रात में गिरफ्तार किया गया था।

जेल के गेट को तोड़कर अयोध्या निकले
डालचंद सोनी ने बताया कि अनजान जगह अस्थाई जेल में रातभर रखा गया। हम सभी लोग सुबह होते ही जेल के गेट को तोड़कर अयोध्या जाने लगे। सभी उसी ओर चल पड़े, कोई साधन नहीं था। पैदल चलकर इलाहाबाद सुल्तानगंज और फिर फैजाबाद जिले को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
आंसू गैस छोड़कर बड़ी बर्बरता की गई
डालचंद सोनी ने बताया कि 2 नवंबर 1990 को उसे विवादित ढांचा को ढहाने के लिए चारों तरफ कार सेवकों की टोली बढ़ने लगी। पुलिस ने पहले आंसू गैस छोड़े, फिर लाठी चार्ज कर बड़ी बर्बरता के साथ पुलिस ने प्रहार किया गया। लाठी चार्ज के साथ पुलिस ने गोली फायरिंग भी चालू कर दिया, जिसमे कई कारसेवकों ने वहीं दम तोड़ दिया। बहुत लोग मची भगदड़ में घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती भी कराया गया।









