कोरबा/कलेक्ट्रेट में ईडी की छापामारी रात में भी जारी है। ईडी अधिकारियों की टीम 12 घण्टों से माइनिंग में दस्तावेजों का बारीकी से जांच कर रही है। कार्यालयीन समय के बाद घर जा चुके दर्जनों कर्मचारियों की पुनः ड्यूटी लगा दी गयी है।
फिल्मी अंदाज में घुसते ही ईडी ने जिलाधीश कार्यालय को अपने कब्जे में ले लिया
गुरुवार की सुबह तीन गाड़ियों में ईडी के अधिकारियों ने फिल्मी अंदाज में कलेक्ट्रेट परिसर में एंट्री मारी और फिर जिलाधीश कार्यालय को अपने कब्जे में ले लिया। दरअसल जिले में माइनिंग में हुई गड़बड़ी के सिलसिले में ईडी की टीम डीएमएफ फंड से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने पहुंची थी जोकि अभी रात में भी जारी है।
देर रात तक जारी है ईडी की कार्रवाई
12 घण्टे से भी अधिक समय से अनवरत ईडी की जांच से कुछ बड़े खुलासे के आसार बढ़ गए हैं।बहरहाल टीम की आवश्यक इंतजाम के लिए छुट्टी के बाद कलेक्ट्रेट से घर जा चुके दर्जनों कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस बुला लिया गया है। ऐसे हालात में उन्हें इमरजेंसी सेवाएं देनी पड़ रही है ।
खनिज न्यास मद से संबंधित दस्तावेजों की ईडी के अधिकारी कर रहे हैं जांच
दर्जनभर अधिकारियों और दो दर्जन से अधिक सीआरपीएफ के जवानों से लैस टीम ने खनिज विभाग को सील कर अफसरों को बिठाकर फाइलों की जांच शुरू कर दी है ।टीम एक एककर माइनिंग से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही।उम्मीद जताई जा रही थी कि शाम तक टीम की कार्रवाई पूरी हो जाएगी लेकिन टीम की जांच और आगे बढ़ती जा रही है।समाचार लिखे जाने तक ईडी की जांच जारी रही। माइनिंग में गड़बड़ी से जुड़े तार सर्वाधिक माइनिंग रॉयल्टी देने वाले कोरबा जिले से भी जुड़े हैं । लिहाजा ईडी की टीम ने गुरुवार को दफ्तर खुलते ही कोरबा के कलेक्ट्रेट कार्यालय में दबिश दी।
पूरे प्रदेश के लोगों की टिकी है निगाहें
कोरबा के इतिहास में पहली बार ईडी की इस तरह की कार्रवाई से शहरवासी भी सकते में हैं । खनिज के मामले में कोरबा जिले का स्थान पूरे प्रदेश में अव्वल है । प्राकृतिक रूप से जिले में खनिज का अथाह भंडार है । लिहाजा खनिज न्यास मद की राशि का काफी बड़ा हिस्सा कोरबा जिले के खाते में आता है । वहीं शहर के जनप्रतिनिधियों ने डीएमएफ फंड के वितरण को लेकर राशि की बंदरबांट किए जाने की आशंका जाहिर की थी । यही वजह है कि पूरे प्रदेश के लोगों की निगाहें इस कार्रवाई पर टिकी हुई है ।







