कोरबा.कोरबा विधानसभा सीट की गिनती प्रदेश में हाई प्रोफाइल सीट के रूप में होती रही हैं। यहाँ कांग्रेस के मौजूदा विधायक व प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और भाजपा के पूर्व महापौर लखनलाल देवांगन के बीच मुकाबला हैं। इनके बीच मुकाबला कही एक तरफा तो कही कांटे की टक्कर का माना जा रहा हैं। चुनाव प्रचार इस कदर गरमा गया हैं कि नगर पालिक निगम कोरबा के अधीन सम्मिलित कोरबा शहर के किसी मोहल्ले में चुनाव प्रचार में जाने से रोकने और प्रत्याशी के खिलाफ “वापस जाओ वापस जाओ” के नारे किराये के लोगों को बुलवा कर लगवाये गये। ताकि पूरे विधानसभा क्षेत्र में यह संदेश जाए कि प्रत्याशी का मोहल्लेवासी भारी विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा हैं की ऐसी हरकत की शुरुआत भाजपा प्रत्याशी लखनलाल देवांगन के क्षेत्र कोहड़िया से हुई। यहां कांग्रेस का जनसंपर्क कार्यक्रम व नुक्कड़ सभा होनी थी। सभा को जयसिंह अग्रवाल द्वारा संबोधित किया जाना और कोहड़िया बस्ती के लोगों के साथ उनका जनसंवाद का कार्यक्रम था। कांग्रेस कार्यकर्ता जब वहां पहुंचे तो उन्हें कोहड़िया बस्ती गेट पर ही रोक दिया गया और “वापस जाओ वापस जाओ” के नारे लगने लगे। इस बीच जयसिंह अग्रवाल भी वहां पहुंच गये। पुलिस को सूचना मिलते ही वहां तत्काल पहुंच गई। हालांकि श्री अग्रवाल औऱ उनके साथ पहुंचे कार्यकताओं को देख नारे लगाने वाले पुलिस के आने से पहले ही भाग गए। कांग्रेस प्रत्याशी जयसिंह अग्रवाल ने भीड़ भरी सभा को संबोधित किया इससे पूर्व बस्तीवासियों ने जयसिंह अग्रवाल का आत्मीय स्वागत करते हुए उनसे कहा कि हम हर हाल में कांग्रेस के साथ रहेंगे।
कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कोहड़िया वासी जब भी मुझे बुलायेंगे मैं आऊँगा, बस्ती वासियों ने जो समस्याएं मुझे बतलाई हैं उसे पूरा कराया जायेगा उन्होंने कांग्रेस सरकार की उपलब्धि के साथ-साथ कोरबा विधानसभा में अपने द्वारा करवाये गए कार्यो को बताते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता के स्नेह और आशीर्वाद की वजह से मैं तीन बार विधायक चुना गया आप लोगों आशीर्वाद इस बार भी मिलेगा इसका मुझे पूरा भरोसा हैं।
बताया यह जा रहा हैं कि भाजपा पार्षद के निकटतम के द्वारा किराये के लोगों से यह कार्य करवाया गया। विभिन्न समाज के लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा की कोहड़िया बस्ती में हर पार्टी के लोग चुनाव प्रचार करने जाएंगे इसमें गलत क्या हैं ? लेकिन किराये के लोगों को बस्ती में बुलवा कर किसी प्रत्याशी की खिलाफत करवाना सरासर गलत कृत्य हैं। शहर के गणमान्य नागरिको ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जो लोग अभी से किराये के लोगों क़ो बुला कर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे बाद में तो लोगो के सर पर चढ़ कर नाचेंगे। यह अच्छा हुआ की समय रहते ऐसे लोग बेनकाब हो गये। इनका मानना हैं कि कोई भी प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए किसी भी बस्ती मोहल्ले में जा सकता हैं। लेकिन किराये के लोगों से विरोध कराना और बस्ती के लोगों द्वारा स्वयं विरोध करना दोनों में बड़ा फर्क हैं। किराये से लाये गए लोग सिर्फ अशांति ही फैलाएंगे, इससे शहर सहित अंचल का वातावरण ही दूषित होगा। ऐसे कार्य करवाने वालों की सर्वत्र निंदा होनी चाहिये क्योंकि चुनावी समर में अंचल में घटित इस तरह की पहली घटना हैं। इसलिए इस घटना की व्यापक प्रतिक्रिया हुई हैं।











