Thursday, July 30, 2026

प्रवर्तन निदेशालय:पिछली सरकार में आबकारी घपला ईओडब्लू से 80 अफसरों को नोटिस

एक तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छत्तीसगढ़ में लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की शराब गड़बड़ी में कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी ओर राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू) ने 2013 से यानी पिछली सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक हुए आबकारी घपले की जांच शुरू कर दी है। तब से अब तक जिलों से लेकर आबकारी मुख्यालय में पदस्थ 80 से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। सभी को पूछताछ के लिए बुधवार को सुबह 11 बजे ईओडब्लू-एसीबी के दफ्तर में बुला लिया गया है। नोटिस ज्यादातर ऐसे अधिकारियों को दिए गए हैं, जो तब डीईओ, गोदाम इंचार्ज, उपायुक्त और आयुक्त के पद पर थे।

ईओडब्लू इस आरोप की जांच कर रहा है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग के अफसरों ने डिस्टलरी वालों के साथ मिलकर कथित भ्रष्टाचार किया। फैक्ट्री से शराब सीधे दुकानों में पहुंचाई और वहां से बेच दी गई। जबकि नियमानुसार फैक्ट्री से शराब सरकारी वेयरहाउस में जानी थी, फिर वहां से मांग के अनुसार दुकानों में भेजी जानी थी। मिली जानकारी के अनुसार ईओडब्लू ने अभी सिर्फ आबकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इसमें रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, मुंगेली समेत सभी जिलों में पूर्व-वर्तमान में पदस्थ अधिकारी हैं।शेष|पेज 11

ईओडब्लू ने नोटिस देने के पहले आबकारी विभाग से 2013 से लेकर अब तक जिलों में पदस्थ अधिकारियों का नाम, पता की सूची मांगी थी। यह भी पूछा था कि तब कौन-कौन शराब की सप्लाई कर रहे थे? प्लेसमेंट एजेंसी और ठेकेदार कौन थे? किन डिस्टलरीज से शराब की सप्लाई हुई और बॉटलिंग कौन करता था आदि। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों से पूछताछ के बाद ईओडब्लू ने प्लेसमेंट एजेंसियों, ठेकेदारों और अंत में डिस्टलरी संचालकों से पूछताछ की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि इस मामले में डिस्टलरी संचालकों पर केस भी दर्ज हो सकता है। जो अधिकारी गड़बड़ी में लिप्त मिलेंगे, उनकी संपत्ति की जांच के अलावा आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया जा सकता है।

आबकारी विभाग कर चुका जांच
ईडी की कार्रवाई के बाद सरकार ने आबकारी विभाग को जांच का निर्देश दिया था, क्योंकि शासन का मानना था कि अफसरों और डिस्टलरी वालों की कथित सांठगांठ से सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। आबकारी विभाग ने जांच करते हुए अधिकारियों को नोटिस देकर पूछताछ के बुलाया था और उनका बयान दर्ज किया गया। एक जांच रिपोर्ट भी तैयार की गई है, जिसका खुलासा नहीं हुआ है।

कोल परिवहन- आईएएस रानू से ईडी की पूछताछ पूरी, जेल गईं

केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के कोल परिवहन केस में 3 दिन की रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को आईएएस रानू साहू को विशेष अदालत में पेश कर दिया। ईडी ने रानू की रिमांड नहीं मांगी। इस वजह से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। रानू को अब 4 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा। उसी दिन निखिल चंद्राकर की भी पेशी है।

तइस केस में जेल में बंद अन्य लोगों की पेशी 5 अगस्त को होगी। ईडी ने शुक्रवार को तीसरी बार कृषि संचालक आईएएस रानू साहू के घर व दफ्तर में छापा मारा। उनके घर पर लंबी जांच के बाद शनिवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोर्ट पेश करने के बाद ईडी ने पूछताछ और दस्तावेज की जांच के लिए रिमांड पर लिया। ईडी ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लगभग सभी से ईडी ने 14-14 दिन तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, लेकिन आईएएस रानू से 3 दिन ही पूछताछ की गई और जेल भेज दिया गया।

आयकर विभाग की दिल्ली की कोर्ट में अर्जी
आबकारी मामले को लेकर आयकर विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक अर्जी लगाई है। इस पर 31 जुलाई को सुनवाई होगी। यह अर्जी अनुसूचित अपराध को लेकर है, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया है। इसके अलावा विभाग भोपाल, रायपुर और कोलकाता में परिवाद दायर करने की तैयारी में भी है।