छत्तीसगढ़, 22 जुलाई 2024: छत्तीसगढ़ सरकार ने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को दिल्ली कोचिंग भेजने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस आदेश में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं की उपेक्षा की गई है, जिससे कई संगठनों और नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की है।
निर्णय का विवरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत यूपीएससी की तैयारी के लिए आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को दिल्ली में कोचिंग करने हेतु भेजा जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना है।
सामान्य वर्ग की उपेक्षा
हालांकि, इस आदेश में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को शामिल नहीं किया गया है। यह ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली की केंद्र सरकार ने सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े हुए छात्र-छात्राओं के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के इस आदेश में इस वर्ग को कोई लाभ नहीं दिया गया है।
वैश्य वर्ल्ड फाउंडेशन का निवेदन
वैश्य वर्ल्ड फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष सुनील जैन ने इस उपेक्षा पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार से निवेदन किया है कि जो आरक्षण का लाभ अन्य प्रतिभागियों को मिल रहा है, वही लाभ सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि अपने आदेश को संशोधित करते हुए सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को भी इस योजना में शामिल किया जाए।











