कोरबा: लगभग डेढ़ दो साल से बदबू से हो रही परेशानी के बारे में शिकायत करते-करते हाउसिंग बोर्ड खरमोर के निवासी अब थकने लगे हैं। यह परेशानी उस अनदेखी के चलते हुई है जो निर्माण एजेंसी ने कालोनी निर्माण के वक्त की थी।
हाउसिंग बोर्ड निवासी दीपक अग्रवाल का कहना है कि तत्कालीन समय में यहां पर केवल 3 इंच की नाली बनाई गई थी, जिसके माध्यम से लगभग 10 से 12 बिल्डिंगों का पानी निकलना था। लेकिन गुणवत्ताहीन नाली के निर्माण के कारण अब पानी निकासी में परेशानी तो हो ही रही है, वही बरसात के समय में उल्टा बरसाती पानी भी घरों में प्रवेश करता है ।
कालोनीवासियों की परेशानी यही नहीं रुकी। लगभग दो वर्ष से यहां के सेप्टिक टैंक फट गए हैं । जिसके कारण मानव अवशेष नालियों के माध्यम से क्षेत्र में फैल रहे हैं। मानव अवशेष की फैलने के कारण दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का जीना हराम हो गया है।
हाउसिंग बोर्ड की मनमानी से परेशान कॉलोनी वासियों ने अपनी समस्या का समाधान निगम प्रशासन से कराना चाहा इसके लिए उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई लेकिन आज पर्यंत तक उनकी समस्या जो कि क्यों बनी हुई है।
राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के मकसद से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की स्थापना की थी। जिसके माध्यम से लोगों को किफायती दरों पर सर्व सुविधा युक्त घर उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। लेकिन जिस प्रकार से एक के बाद एक समस्याएं कॉलोनी वासियों के समक्ष आ रही है , उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित निर्माण एजेंसी ने किस प्रकार के कार्य किए हैं।







