Monday, April 27, 2026

मेरे कहे अनुसार प्रत्याशी को समर्थन नही दिए तो समाज से करवाऊंगा बहिष्कृत: मसीही पादरी

कोरबा I मतदान को प्रभावित करने के लिए सामाजिक बहिष्कार की धमकी का घिनौना खेल सामने आया है । ताजा मामला मानिकपुर चौकी अंतर्गत मसीही आराध्नालय चर्च का है जिसमे कार्यरत पादरी विक्टर मेनन द्वारा अपने ही चर्च की एक सदस्य को यह कहते हुए भरी सभा में धक्के मारते हुए बाहर निकाल दिया गया क्युकी वह सदस्य उक्त पादरी के कहे अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने को तैयार नहीं थी ।

महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है की उक्त पादरी द्वारा लगातार फोन के माध्यम से व घर आकर अपने चहेते प्रत्याशी को समर्थन करने कहा जा रहा था जिसका मैं विरोध कर रही थी और ये कह रही थी की मैं व मेरा परिवार अपनी स्वेच्छा से वोट देगा और आपको पादरी जैसे सम्मानित पद पर रहते हुए इतने निचले स्तर की राजनीति नहीं करनी चाहिए की आप हम लोगों पर किसी एक आदमी को वोट और समर्थन देने के लिए दबाव डालें

पीड़ित महिला के ससुर कोरबा विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे है। इस बार ईसाई धर्म से संबंध रखने वाले दो लोगो ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था जिसमें से एक प्रत्याशी कांग्रेस के पक्ष में समर्थन देते घर बैठ गया है वहीं दूसरे पर समर्थन के लिए दबाव बनाया जा रहा है जो कि लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। इससे पहले मुस्लिम धर्म से संबंध दो प्रत्याशी शेर हक और रज्जाक अली ने अपना नामांकन वापस ले लिया है वहीं मुस्लिम धर्म से संबंध रखने वाल

क्या प्रवीण मसीह का समर्थन भी दबाव में हुआ ?

कुछ दिन पहले एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी प्रवीण मसीह ने कांग्रेस प्रत्याशी जयसिंह अग्रवाल को यह कहते समर्थन दिया था कि क्षेत्र में घूमते हुए उसको कांग्रेस प्रत्याशी के प्रभाव का पता लगा। अब ये मामला सामने आने के बाद शहर में चर्चा गर्म है कि कहीं प्रवीण मसीह का समर्थन भी किसी दबाव में तो नहीं हुआ है क्योंकि अगर प्रवीण मसीह को समर्थन देना ही होता तो वो नामांकन ही दाखिल नहीं करते फिर नामांकन वापसी के समय नाम भी वापस ले सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया अब वो वापस से कांग्रेस कार्यालय पहुंच प्रत्याशी को समर्थन देते अपना प्रचार छोड़ घर में बैठ गए है। इससे पहले भी साल 2018 में भी निर्दलीय प्रत्याशी रज्जाक अली घर अपने चुनाव को छोड़ रामपुर विधानसभा में सक्रिय हो गए थे इस बार उन्होंने नाम वापस ले लिया है।