कोरबा। ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने गंभीर और लंबे समय से लंबित हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। उरगा थाना पुलिस ने करीब दो साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी वैभव भारती को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने 31 जुलाई को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को भी गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर जिला पुलिस अधीक्षक कोरबा की ओर से कुल 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बहन पर गलत नजर रखने के शक में रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, मृतक विकास अग्रवाल और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुराना विवाद और रंजिश थी। आरोपी को संदेह था कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता है।
इसी रंजिश के चलते वैभव भारती ने कथित तौर पर अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर विकास अग्रवाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
शादी समारोह में शराब में मिलाया जहरीला पदार्थ
पुलिस के मुताबिक, घटना 16 फरवरी 2024 की है। शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले मृतक को शराब पिलाई। इसके बाद कथित तौर पर दुकान से चूहा मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिला दी गई।
आरोप है कि जहरीली शराब मृतक को डिस्पोजेबल गिलास के जरिए पिलाई गई। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
दो साल से फरार था मुख्य आरोपी
घटना के बाद वैभव भारती और जितेंद्र मसीह लगातार फरार चल रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर कुल 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सह-आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस
31 जुलाई 2026 को पुलिस ने सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी वैभव भारती की तलाश तेज की।










