Thursday, August 20, 2026

Korba News: वन मंत्री केदार कश्यप का बड़ा बयान- छत्तीसगढ़ में हाथियों की संख्या 450 के करीब, ‘गज संकेत ऐप’ से मानव-हाथी संघर्ष में कमी

कोरबा. छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के कोरबा प्रवास के दौरान वन विभाग की गतिविधियां तेज रहीं। उनके साथ वन सचिव और प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) भी मौजूद रहे। दौरे के दौरान वन प्रबंधन, मानव-हाथी द्वंद्व, वन्यजीव संरक्षण और लकड़ी तस्करी को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

मंत्री ने पाली विकासखंड के डोंगानाला वन परिक्षेत्र में वन समितियों का निरीक्षण किया। उन्होंने समितियों के कामकाज की समीक्षा करने के साथ ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और वन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

हाथी मित्र दलों को मिली बाइक और जरूरी उपकरण

चोटिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले ‘हाथी मित्र दलों’ को चार मोटरसाइकिलें वितरित कीं। इसके अलावा दल के सदस्यों को जूते, टॉर्च और अन्य आवश्यक उपकरण भी दिए गए।

इन संसाधनों के मिलने से हाथियों की निगरानी और उनकी गतिविधियों की सूचना समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। वन विभाग का उद्देश्य हाथियों की मौजूदगी की जानकारी जल्द उपलब्ध कराकर मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को कम करना है।

छत्तीसगढ़ में 450 के करीब पहुंची हाथियों की संख्या

पत्रकारों से चर्चा के दौरान वन मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, 2021-22 में राज्य में करीब 200 से 250 हाथी थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या लगभग 450 तक पहुंच गई है।

मंत्री ने दावा किया कि हाथियों की संख्या बढ़ने के बावजूद मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं और इससे प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है।

‘गज संकेत ऐप’ से ग्रामीणों को मिल रहा अलर्ट

केदार कश्यप ने मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में ‘गज संकेत ऐप’ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हाथियों की लोकेशन और मौजूदगी की जानकारी समय पर मिलने से प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।

इससे ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का समय मिल रहा है। मंत्री के मुताबिक, विभाग की प्राथमिकता मानव क्षति को रोकना है।

कोरबा में किंग कोबरा संरक्षण की बनेगी कार्ययोजना

कोरबा में किंग कोबरा संरक्षण को लेकर भी वन मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरबा क्षेत्र किंग कोबरा के लिए उत्कृष्ट प्राकृतिक आवास है।

वन विभाग किंग कोबरा के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य इसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के साथ-साथ संरक्षण गतिविधियों को मजबूत करना है।

लकड़ी तस्करी पर मंत्री का सख्त रुख

लकड़ी तस्करी को लेकर पूछे गए सवाल पर वन मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से पहले भी तस्करी के मामलों में कार्रवाई की गई है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि तस्करी में किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वन प्रबंधन और ग्रामीणों की सुरक्षा पर जोर

कोरबा प्रवास के दौरान वन मंत्री ने वन समितियों के कामकाज की समीक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।