Wednesday, August 5, 2026

Korba News: कलेक्टर कुणाल दुदावत का बड़ा एक्शन, DEO का वेतन रोकने के निर्देश; कई अधिकारियों को नोटिस

कोरबा, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शासन की फ्लैगशिप योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार समीक्षा बैठकों में चेतावनी और कारण बताओ नोटिस के बावजूद सुधार नहीं होने पर अब कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी को दूसरी बार नोटिस जारी होने के बाद कलेक्टर ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान कई विभागों में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी पर सबसे बड़ी कार्रवाई

बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े लंबित मामलों और पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही वेतन रोकने के निर्देश दिए।

बताया गया कि एक सप्ताह के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी को दूसरी बार नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर के इस फैसले से प्रशासनिक महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन अधिकारियों पर भी गिरी कार्रवाई की गाज

बैठक के दौरान अन्य विभागों की कार्यप्रणाली पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई।

  • टीएल प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं होने पर पाली और छुरी नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
  • पाली के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के खिलाफ भी नोटिस जारी कर वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
  • नशा मुक्ति अभियान में अपेक्षित रुचि नहीं लेने पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए गए।

फ्लैगशिप योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं की लगातार हो रही समीक्षा

गौरतलब है कि कलेक्टर कुणाल दुदावत लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, राजस्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

हाल के महीनों में उन्होंने स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल, खेल सुविधाओं के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया है।

अब इन निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अन्य अधिकारियों पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।