कोरबा। जिले के सीतामढ़ी स्थित हसदेव नदी रेत घाट से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से नदी से रेत निकालने का काम जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सुबह से शाम तक चल रहे रेत परिवहन का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीतामढ़ी रेत घाट पर प्रतिदिन सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और टीपर पहुंचते हैं, जहां से रेत निकालकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में भेजी जाती है।
आरोप है कि कई जगहों पर रेत निकालने के लिए जेसीबी मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रतिबंध के बावजूद गतिविधियां जारी होने का दावा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेत उत्खनन पर प्रतिबंध और नियमों के बावजूद यह गतिविधियां लगातार जारी हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से पूरे मामले की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने का आरोप
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सीतामढ़ी रेत घाट पर एक संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चा है। कुछ लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
देश दर्पण न्यूज़ 24/7 इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी व्यक्ति को किसी अपराध का दोषी ठहराता है।
फोटो और वीडियो में दिख रही रेत निकासी की गतिविधियां
मीडिया को प्राप्त फोटो और वीडियो में सीतामढ़ी रेत घाट पर रेत निकासी से जुड़ी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। यदि यह गतिविधियां बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित हो रही हैं, तो यह प्रशासनिक जांच का गंभीर विषय बन सकता है।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में खनिज विभाग और जिला प्रशासन क्या कदम उठाते हैं। क्या अवैध उत्खनन और परिवहन के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।











