कोरबा। जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा गंभीर संकट में पड़ सकती है। सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने ढाई माह से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यदि तीन दिनों के भीतर वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो जिले की अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो सकती है।
11 एम्बुलेंस पर निर्भर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र
कोरबा जिले में कुल 11 एम्बुलेंस विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं। लेकिन वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारी अब सेवा बंद करने पर मजबूर हो गए हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि वे ढाई माह से बिना वेतन काम कर रहे हैं, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में उन्होंने पहले भी कलेक्टर को अवगत कराया था, लेकिन समाधान न मिलने से अब वे आंदोलन के लिए तैयार हैं।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जनदर्शन कार्यक्रम में कर्मचारियों ने एक बार फिर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वेतन भुगतान की मांग की और कहा कि यदि तीन दिन में वेतन नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
कंपनी पर लापरवाही का आरोप
108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही जय अंबे कंपनी पर कर्मचारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए—
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कंपनी कर्मचारियों को सिर्फ 9910 रुपए महीना वेतन देती है।
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12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है।
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एम्बुलेंस का रखरखाव नहीं कराया जा रहा, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
कर्मचारियों की पीड़ा: ‘समय आएगा तो वेतन मिलेगा’
ड्राइवर चंद्र प्रकाश सिदार ने कहा कि वेतन न मिलने से उनका परिवार आर्थिक संकट में है। कंपनी अधिकारियों से पूछने पर जवाब मिलता है—
“समय आएगा तो वेतन मिलेगा, काम करना है तो करो, नहीं तो जा सकते हो।”









