Saturday, September 19, 2026

*कोरबा: अपोलो फार्मेसी की दवा बिक्री नीति पर उठे सवाल, मरीजों की जान पर बना खतरा*

कोरबा: स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार की आवश्यकता है, लेकिन कोरबा की अपोलो फार्मेसी में मरीजों को दवाई खरीदने में जो परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

हाल ही में एक व्यक्ति अपने गंभीर रूप से घायल भाई के लिए आवश्यक दवाई लेने अपोलो फार्मेसी पहुंचा। उसके भाई का एक सप्ताह पहले एक्सीडेंट हुआ था और वह जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा अस्पताल में भर्ती है। जब उसने आवश्यक दवा खरीदने की कोशिश की, तो काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे स्पष्ट रूप से बताया कि वह केवल पूरी स्ट्रिप खरीद सकता है, क्योंकि दवा काटकर नहीं दी जाएगी।

भाई ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि उसे इतनी सारी दवा की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद, कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इस बारे में निर्देश दिया गया है। जब ग्राहक ने इस फरमान के लिखित प्रमाण की मांग की, तो कर्मचारी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके।

इस प्रकार की मनमानी से न केवल मरीजों को परेशानी हो रही है, बल्कि उनकी जान भी खतरे में पड़ रही है। स्थानीय दवा विक्रेताओं का कहना है कि किसी भी दवा दुकान को इस तरह के बेतुके निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है। ग्राहक अपनी आवश्यकतानुसार दवाई मांगने का हक रखते हैं और उन्हें पूरा पैकेट खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए यह जरूरी है कि दवा विक्रेताओं द्वारा ऐसी नीतियों को लागू करने से रोका जाए।