Tuesday, September 22, 2026

KORBA: पशुओं को खिलाया जा रहा है रेडी टू ईट, विभागीय लापरवाही एक बार फिर आई सामने

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 8 माह से 3 वर्ष आयु के सामान्य व कुपोषित बच्चों के लिए रेडी टो ईट फूड का निशुल्क वितरण आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करवाया जाता है। इस खाद्य पदार्थ के पैकेट पर बिक्री के लिए नहीं, क्रय तथा विक्रय दंडनीय अपराध जैसे बातें भी लिखी जाती है । कोरबा को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सरकार करोड़ो रुपये खर्च करने का दावा कर रही है. बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को भी पोषण आहार देने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘रेडी टू ईट’ का वितरण किया जा रहा है, लेकिन कोरबा में महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारियो के लापरवाही से आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाला रेडी टू ईट पशु खा रहे है।

कोरबा के पंप हाउस क्षेत्र के गौठान में जब केएनएन की टीम पहुंची तब इस तरह की दृश्य देखकर हम भी चौक गए। जी हा ये बात बिलकुल सही सही। दरअसल केएनएन की टीम को मिले तस्वीरों में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कुपोषण के चंगुल से बचाने जिस रेडी टू ईट का वितरण किया गया है । वह पशुओं को खिलाया जा रहा है।

अब सवाल यह उठता है की बच्चों को मिलने वाला खाद्य पदार्थ आखिर गौठानो तक कैसे पहुंच रहा है। जाहिर है विभागीय चूक के कारण सरकार की महती योजना पशुओं का आहार बन रही है ।

नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा बना किसी शुल्क के रेडी टू ईट का वितरण करवाया जा रहा है । लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण बच्चों सहित महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है । देखना है कि आखिर किसकी गलती के कारण बच्चों को आहार पशुओं तक पहुंचा और आने वाले दिनों में इस मामले में किस तरह की कार्रवाई की जाती है।