Sunday, September 20, 2026

NTPC के एडीएम बिल्डिंग में घुसा लंगूर, लोगों में मची अफरा तफरी, जितेन्द्र सारथी के टीम ने वन विभाग के साथ किया रेस्क्यू

कोरबा .गर्मी का मौसम आते ही इंसानों के साथ जंगली जीव भी परेशान होने लगते हैं, गर्मी में जंगल में आग लगने से पूरी तरह रूखा सूखा हो जाता हैं जिसके कारण जंगल में भोजन की कमी होने लगती हैं साथ ही पानी की कमी भी होने लगती हैं यहीं कारण हैं जंगली जानवर भोजन और पानी के तलाश में शहर की ओर रुख करने लगते हैं ऐसा ही नजारा कल दोपहर एनटीपीसी टाउनशिप के एडीएम बिल्डिंग में उस समय अफरा तफरी मच गई जब आचनक जंगल से भटककर एक काले मुंह वाला व्यस्क लंगूर (langur) घूस गया जिसके बाद डर से लोग भाग खड़े हुए फिर थोड़ी देर पश्चात लंगूर वही कई घंटो तक बैठा रहा तब तक लोगों में दहशत बनी रहीं, काफ़ी लम्बे समय के बाद भी लंगूर वाहा से टस से मस नहीं हुआ तो लोगों को लगा वो अस्वस्थ हैं फिर वहा के स्थानीय मीडिया पत्रकार ने इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा के प्रमुख वन विभाग सदस्य जितेन्द्र सारथी को दिया, जिसके पश्चात थोड़ी देर में टीम को भेजने की बात कहीं फिर कुछ देर बाद मौके पर जितेन्द्र सारथी के टीम मेंबर सुभम और बबलू मरवा मौके पर पहुंचे साथ ही इसकी जानकारी कटघोरा वन विभाग को दिया गया था कुछ देर बाद वन विभाग के कर्मचारी भी पहोंच गए जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चालू किया गया, टीम के द्वारा लंगूर के पास जाते ही नुकीले दांत दिखा कर डराने की कोशिश करने लगता था काफ़ी मशक्कत के बाद आखिरकार लंगूर को बोरे की मदद से पकड़ पाने में सफल हुए और उसको प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया जिसके बाद सभी ने राहत भरी सास ली और रेस्क्यू टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।

जितेन्द्र सारथी ने बताया खातरनाक जानवरों के रेस्क्यू के लिए संसाधन का अभाव।

कोरबा का जंगल जैव विविधता से भरा हुआ हैं जिसको सरंक्षण की आवश्कता हैं हम इनको बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों सक्रिय हैं हमको जानकारी प्राप्त होते ही रेस्क्यू के लिए रवाना हो जाते हैं पर हमारे पास रेस्क्यू ऑपरेशन के संसाधन के अभाव होने पर काफ़ी मुसीबत का सामना करना पड़ता हैं वही हम जान में जोखिम डाल कर लोगों के साथ जीव को बचाते हैं, हमें रेस्क्यू ऑपरेशन में पिंजड़ा, रस्सी, जाल, टार्च आदि चीजों की जरूरत पड़ती हैं।