Tuesday, November 3, 2026

Mahadev Betting App Case: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 4 नवंबर को CBI कोर्ट में होगी पेशी

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाया गया है। उसे इंडिगो की फ्लाइट 6E2307 से रायपुर पहुंचाया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौरभ चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी। अब उसे 4 नवंबर 2026 को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा।

सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क, इसके संचालन और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण को जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली लाया गया था आरोपी

जानकारी के मुताबिक, ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद CBI ने 2 नवंबर 2026 को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। विशेष न्यायाधीश निखिल चोपड़ा की अदालत में CBI ने आरोपी को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर देने की मांग की थी। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से अदालत में लंबी बहस हुई।

अदालत ने दी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके समक्ष फिलहाल आरोपी की ट्रांजिट रिमांड का मामला है। प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत सौरभ चंद्राकर के खिलाफ CBI के मामले में मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, इस पर फैसला रायपुर की संबंधित विशेष अदालत करेगी।

इसके बाद अदालत ने CBI की मांग स्वीकार करते हुए सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया। साथ ही 4 नवंबर 2026 तक उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

प्रत्यर्पण की शर्तों पर रायपुर की अदालत करेगी फैसला

अदालत ने यह भी साफ किया कि सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण से जुड़ी शर्तों और भारत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की वैधता पर अंतिम निर्णय संबंधित ट्रायल कोर्ट को लेना है। यानी इस कानूनी पहलू पर रायपुर की विशेष CBI अदालत में सुनवाई होगी।

महादेव ऐप मामले में पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर प्रमुख आरोपियों में शामिल है। अब रायपुर में CBI की पूछताछ के दौरान कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, उसके आर्थिक लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अहम जानकारी सामने आ सकती है। 4 नवंबर को होने वाली पेशी पर सभी की नजरें टिकी हैं।