Thursday, September 17, 2026

Mahtari Vandan Yojana:  542 महिलाएं अपात्र, करीब 30 लाख की वसूली; 98.58% हितग्राहियों का सत्यापन पूरा

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों की पात्रता की जांच की गई है। सत्यापन के दौरान योजना का लाभ ले रहीं 4 लाख 17 हजार 902 महिलाओं में से 542 हितग्राही अपात्र पाई गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपात्र हितग्राहियों से करीब 30 लाख रुपये की वसूली की है। अधिकारियों के मुताबिक सत्यापन और वसूली की कार्रवाई अभी जारी है।

542 हितग्राही मिलीं अपात्र

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में दी जाती है।

बिलासपुर जिले में योजना का लाभ ले रहीं महिलाओं की पात्रता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सत्यापन शुरू किया। जांच में 542 महिलाएं योजना के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गईं।

विभाग ने अपात्र पाए गए हितग्राहियों से योजना के तहत प्राप्त राशि की वसूली शुरू की है। अब तक करीब 30 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है।

मृत हितग्राहियों के खातों से राशि निकासी के मामले भी सामने आए

सत्यापन के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें योजना का लाभ लेने वाली महिला की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी उसके बैंक खाते से योजना की राशि निकाली गई।

विभाग ने ऐसे मामलों में संबंधित उत्तराधिकारियों से राशि की वसूली की है। अधिकारियों के अनुसार इस श्रेणी के मामलों में अब तक 7 लाख 60 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है।

महतारी वंदन योजना की 31 किश्त जारी

बिलासपुर जिले में योजना के तहत अब तक 31 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन किश्तों के माध्यम से करीब 12.16 अरब रुपये हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा किए गए हैं।

लगातार हो रहे सत्यापन के चलते विभाग अपात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई कर रहा है।

98.58 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन पूरा

पात्रता सत्यापन के लिए KYC को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। जिले में योजना से जुड़ी कुल 4,17,902 महिलाओं में से 4,11,989 हितग्राहियों की KYC पूरी हो चुकी है।

इस तरह जिले में अब तक 98.58 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों की KYC और पात्रता जांच की प्रक्रिया जारी है।

विभाग का कहना है कि शेष सत्यापन पूरा होने के बाद अपात्र हितग्राहियों के कुछ और मामले सामने आ सकते हैं। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई और राशि वसूली की जाएगी।