Tuesday, August 4, 2026

कोल माफिया पर बड़ी कार्यवाही, कटघोरा वनमंडल के पसान में कोल माफियाओं का भांडा फूटा

रायपुर: प्रदेश के जंगलों में भू-माफियाओं का आतंक तो था ही अब कोयला तस्करों ने भी जंगल को अपना अड्डा बना लिया है। लंबे समय से शिकायतों के बाद भी पदस्थ वन अधिकारीयों ने कोई कार्रवाई नहीं किया था। अमले की उदासीनता और अधिकारीयों की लापरवाही का ही नतीजा है कि कटघोरा वनमंडल के पसान परिसर के जल्के वृत्त के अंतर्गत परिसर बीजाडाड़ के ‘ कक्ष क्रमांक पी. 198 में कोयले का अवैध उत्खनन कर परिवहन का बड़ा मामला उच्चाधिकारियों के हाताक्षेप से उजागर हुआ।

जानकारी के मुताबिक कटघोरा वनमंडल के पसान परिसर के जल्के वृत्त के अंतर्गत परिसर बीजाडाड़ के ‘ कक्ष क्रमांक पी. 198 में कोयले का अवैध उत्खनन कर परिवहन करने हेतु 620 बोरी को भरकर रखा गया था जिसे सूचना प्राप्त होते ही मौके पर जप्त किया गया है। उज्जैन सिंह पैकरा उपवनक्षेत्रपाल को पूर्व में अवैध खनन के संबंध में मुखबिरों द्वारा सूचना प्राप्त होने के उपरांत भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके अलावा समय-समय पर वनमंडलाधिकारी तथा मुख्य वन संरक्षक द्वारा भेजे गये उड़नदस्ता दल के द्वारा पेट्रोलिंग शिकायत होने पर उनके पदस्थ क्षेत्रों में किया जाता रहा है। अतः स्टाफ के संज्ञान में था कि उक्त क्षेत्र संवेदनशील है।

बताते है कि उज्जैन सिंह पैकरा, उपवनक्षेत्रपाल द्वारा निष्क्रियता बरतते हुये उक्त अवैध उत्खनन एवं परिवहन में कोई कार्यवाही नहीं किया गया था। साथ ही अरूण कुमार राजपूत, वनपाल बीट प्रभारी के द्वारा भी निष्क्रियता बरतते हुये कोई कार्यवाही नहीं किया गया है। अतः परिक्षेत्र सहायक जल्के उज्जैन सिंह पैकरा, उपवन क्षेत्रपाल एवं बीट प्रभारी अरूण कुमार राजपूत, वनपाल के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुये 9 जून को छग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत निलंबित किया गया है।