रायगढ़: रायगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी ने पूर्व आईएएस व महामंत्री ओपी चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन बीजेपी की इस घोषणा से कई समाज के लोग नाराज बताए जा रहे हैं ।लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र से विजय अग्रवाल को भाजपा प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए था लेकिन ऐन वक्त पर पैराशूट प्रत्याशी यहां से उतार दिया गया। जिससे कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोग नाराज बताए जा रहे। क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना था कि ओपी चौधरी को खरसिया, चंद्रपुर या फिर सक्ति विधानसभा सीट से टिकट दी जानी चाहिए थी । क्योंकि यह सभी उनके पैतृक गांव के नजदीक के क्षेत्र हैं। लेकिन रायगढ़ से ओपी चौधरी को टिकट देने से एक बार फिर पार्टी की अंतर्कलह जग जाहिर हो गई है।
पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरपाल भल्ला, निगम नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी, विकास केडिया और कोलता समाज के नेता राथू गुप्ता भाजपा कार्यालय में ओपी चौधरी का स्वागत करने नहीं पहुंचे। ज्यादातर दावेदार भी गायब थे। वरिष्ठ भाजपा नेताओं का नहीं पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा।
बीजेपी प्रत्याशी ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ बुद्धिजीवियों का शहर है और वे सभी का आशीर्वाद चाहते हैं। कलेक्टर रहते किए गए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि विकास का एक विजन होता है। सब कोई अपने हिसाब से विकास के बारे में सोचते हैं।
ओपी चौधरी ने कहा कि मौका मिलेगा तो रायगढ़ में भी बेहतर काम करेंगे। यहां बेहतर लाइब्रेरी बनाने सहित कई काम करने की सोच है।
बताया जा रहा है कि टिकट की घोषणा से पहले ओपी चौधरी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कई तरह का पोस्ट किया था। अग्रवाल समाज, कोलता समाज और उत्कल समाज के बारे में कुछ बातें लिखी गई थी। ओपी समर्थकों का यह कहना है कि सभी को मनाया जाएगा।
रायगढ़ से ओपी चौधरी के मुकाबले कांग्रेस की ओर से सीटिंग विधायक या नए युवा को चुनावी मैदान में उतारने की चर्चा चल रही है। प्रदेश में कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट 15 अक्टूबर को जारी कर सकती है।







