Thursday, October 8, 2026

Surajpur Murder Case: मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला, कुलदीप साहू समेत 3 दोषियों को फांसी

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को प्राकृतिक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा दी गई है। चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था।

मामले की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई। इससे पहले 29 सितंबर को अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी।

14 अक्टूबर 2024 को हुई थी सनसनीखेज वारदात

यह पूरा मामला 14 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल की पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया था। इसके बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने उसकी बेटी को भी धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया था।

मां और बेटी के शव उनके घर से करीब 5 किलोमीटर दूर बरामद हुए थे। दोहरे हत्याकांड की खबर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में की गई।

कुलदीप साहू समेत तीन को फांसी

अदालत ने सजा सुनाते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड दिया है। वहीं आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को प्राकृतिक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। कोर्ट के फैसले के बाद अब मृत्युदंड से संबंधित आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में दोषी

मामले में अदालत ने चारों आरोपियों को गंभीर अपराधों का दोषी माना। आरोपियों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला चलाया गया था। 29 सितंबर को दोषसिद्धि के बाद अदालत में सजा के बिंदु पर बहस हुई और अब फैसला सुनाया गया है।

दोषी ठहराए जाने के बाद कुलदीप का व्यवहार भी रहा चर्चा में

29 सितंबर को अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू का व्यवहार भी चर्चा में आया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कोर्ट से बाहर निकलते समय वह पत्रकारों की ओर देखकर हंसता नजर आया था। उसने कैमरे की तरफ स्माइली का इशारा भी किया था।

अब कोर्ट के फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले में तीन दोषियों को फांसी और एक दोषी को प्राकृतिक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

आगे क्या होगी प्रक्रिया?

मृत्युदंड के मामलों में अदालत के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। फांसी की सजा पर संबंधित उच्च न्यायालय की पुष्टि की प्रक्रिया होती है। ऐसे में सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में भी फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।