बिलासपुर में केंद्रीय जेल में एक कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। चार दिन पहले ही पुलिस ने उसे शराब के केस में गिरफ्तार किया था। परिजन का कहना है कि जेल भेजने से पहले पुलिसकर्मियों ने पैसे की डिमांड की थी और उसकी बेहरमी से पिटाई की थी। उन्होंने बंदी की हत्या का आरोप लगाते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सीपत क्षेत्र के ग्राम मोहरा निवासी श्रवण तांबे (35) अमृतलाल खेती किसानी करता था। बीते 17 जनवरी को पुलिस ने उसे महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे 19 जनवरी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। इस बीच वह जेल में बंद था। परिजन जब जेल में मिलने पहुंचे, तब उसे मिलने नहीं दिया गया।









