Thursday, August 20, 2026

दीपका थाना क्षेत्र में जारी है डीजल माफिया का खेल, आधी रात को एसडीएम ने मारा छापा, लेकिन आंकड़ा कम क्यों बता रहे थाना प्रभारी

कोरबा। कोरबा पुलिस अधीक्षक उदय किरण ने सभी थाना चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया है कि क्षेत्र में होने वाले कोयला, कबाड़ और शराब के अवैध कारोबार पर लगाम लगाएं । लेकिन दीपका थाना प्रभारी केवल अपने निजी स्वार्थों की सिद्धि करने में लगे हुए हैं।

तभी तो दीपका थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खदानों से डीजल, कबाड़ और कोयले की चोरी खुलेआम हो रही है । इन अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के बजाय विभाग के लोग उल्टा उन्हें प्रश्रय देने का काम कर रहे हैं।।

दीपका क्षेत्र में होने वाली डीजल चोरी पर स्थानीय पुलिस जब अंकुश नहीं लगा सकी तब प्रशासन ने मामले में संज्ञान लिया और रात लगभग 2:00 बजे पाली एसडीएम एवं नायब तहसीलदार ने चैनपुर में दबिश देकर 980 लीटर डीजल पिकअप वाहन के साथ जप्त किया। छापामार कार्रवाई में पकड़ाए गए ड्राइवर को देवका पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है हालांकि पुलिस जब तक डीजल को 35 लीटर बता रही है।

दीपका क्षेत्र में होने वाली डीजल चोरी पर स्थानीय पुलिस जब अंकुश नहीं लगा सकी तब प्रशासन ने मामले में संज्ञान लिया और रात लगभग 2:00 बजे पाली एसडीएम एवं नायब तहसीलदार ने चैनपुर में दबिश देकर 980 लीटर डीजल पिकअप वाहन के साथ जप्त किया। छापामार कार्रवाई में पकड़ाए गए ड्राइवर को देवका पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है हालांकि दीपिका थाना प्रभारी ने जप्त 980 लीटर डीजल की जानकारी को भ्रामक बताया है ।थाना प्रभारी के अनुसार 35 लीटर डीजल पकड़ाया है। अब प्रशासन और पुलिस के बयान में विरोधाभास क्यों है यह सोचने की बात है।

डीजल चोरी की इस बड़ी घटना में पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई एवं बयान अलग अलग है । जहा पाली एसडीएम 980 लीटर डीजल जप्त होने की बात कह रहे हैं वहीं पर थाना प्रभारी महज 35 लीटर बता रहे हैं । प्रशासन इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत कर रहा है अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दीपका पुलिस डीजल के आंकड़ों को कम क्यों बता रही है। क्या विभाग की डीजल माफिया के साथ कोई कनेक्शन है।

बहरहाल एसईसीएल की कुसमुंडा गेवरा खदानों में डीजल चोरी कोई नई बात नहीं है ।।यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है इस बीच भले ही डीजल माफियाओं के सिंडिकेट बदल गए पर डीजल चोरी का कारोबार बदस्तूर जारी है। डीजल माफिया बड़ी संख्या में हथियारों से लैस होकर खदान में घुसते हैं और सुरक्षाकर्मियों के सामने से ही डीजल चुरा लेते हैं । इस बीच कई बार हिंसक घटनाएं भी हुई है । जो स्थानीय पुलिस के साथ ही एसईसीएल के सुरक्षा की व्यवस्था की पोल खोलता है।।