Wednesday, July 1, 2026

9 लोगों की जान लेने वाले बाघ को टीम ने घेरा; गन्ने के खेत में जाल के साथ शूटर तैनात

बिहार में बगहा के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में बाघ के हमले में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को भी बाघ के हमले में मां-बेटे की जान चली गई। बीते 3 दिनों में बाघ ने 4 जानें ले ली हैं। गोवर्धन थाना इलाके के बलुआ गांव में बाघ को एक गन्ने के खेत में वन विभाग और पुलिस टीम ने घेर रखा है। खेत के बाहर 8 शार्प शूटर, 4 बिहार पुलिस के ट्रेंड जवानों के साथ पटना से आए 4 STF के शूटर तैनात हैं।

इस खेत को वन विभाग के करीब 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने घेर रखा है। हर 50 मीटर पर 10 वन विभाग के कर्मचारी तैनात हैं। 80 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। जो ग्रामीणों को आने से रोक रहे हैं।

बाघ ने अब तक 10 लोगों पर हमला किया है। इनमें से 9 की मौत हो चुकी है। शुक्रवार सुबह बाघ ने मां-बेटे पर हमला कर दिया। इसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। 10 साल के बेटे के साथ मां (35) खेत में घास काटने गई थी। तभी पीछे से बाघ ने हमला कर दिया है। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। वन विभाग और पुलिस की मदद से गन्ने के खेत से दोनों के शवों को बरामद किया गया।

अब सवाल उठना लाजमी है कि आखिरकार यह बाघ ऐसा क्यों हो गया। बताया जा रहा है कि इस बाघ के पिता T-5 की मुलाकात वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के हड़नाटांड वन क्षेत्र में T-34 से हुई। इस दरमियां T-34 मां बन गई। चूंकी पिता T-5 का टेरिटरी वन के बाहरी हिस्से की तरफ था। ऐसे में अपने बच्चों को T-5 से बचाने के लिए गन्ने के खेतों में T-34 लेकर रहने लगी। इस दरमियान बच्चे धीरे-धीरे बड़े होने लगे। युवा अवस्था में आने के बाद T-34 अपने बच्चे के लिए टेरिटरी बनाकर दूसरे शावक के साथ अलग क्षेत्र में चली गई। इस प्रकार इस शावक का नाम T-105 पड़ गया।