बलौदाबाजर. जिले के तहसील टुंड्रा के अंतर्गत ग्राम हसुवा में तहसीलदार चित्ररेखा चंद्रवंशी ने पूर्व से काबिज किसान के मकान को तोड़ दिया. इस कार्यवाही के बाद पीड़ित किसान टीकम साहू न्याय पाने तहसीलदार की गाड़ी के सामने लेट गया और कहा कि सभी का बेजा कब्जा तोड़ा जाए.
किसान टीकम साहू ने बताया, अपने निजी भूमि 2711 रकबा 0.040 हे. एवं 2713/3 रकबा 0.032 हे. से लगे पूर्वज के काबिज हिस्से पर मकान निर्माण किया, जिसे रेशमलाल साहू पिता गरीबदास ने मकान निर्माण पर स्थगन आदेश लाकर काम रुकवा दिया. इसके बाद तहसीलदार कसडोल ने जमीन की जांच कराने के बाद 2713/1 पर टीकम प्रसाद साहू पिता मान्धाता साहू हसुवा द्वारा 0.105 हे., रेशमलाल साहू पिता गरीबदास साहू कोटियाडीह द्वारा रकबा 0.007 हे., राजेश पिता सुकलाल साहू धमलपुर द्वारा 0.002 हे., श्यामलाल साहू पिता गरीब दास कोटियाडीह द्वारा 0.0 58 हेक्टेयर पर बेजा कब्जा पाया गया.
कसडोल तहसील के विभाजन के बाद यह केस नया तहसील कार्यालय टुंड्रा आ गया. फिर इस केस को नया तहसीदार टुंड्रा ने अवलोकन कर सभी के खिलाफ बेदखली वारंट 28 फरवरी को पारित किया और कब्जा हटाने के लिए 13 मार्च निर्धारित कर समन जारी किया. बेजा कब्जा नहीं हटाने पर नियम के मुताबिक हटाया जाना बताया. इसकी सूचना 13 मार्च को मिला था फिर टीकम प्रसाद साहू ने न्यायालय तहसीलदार टुंड्रा को 28 मार्च को निष्पादन की कार्यवाही स्थगित रखने आवेदन किया. इसके बाद प्रकिया से गुजरते हुए 27 मार्च को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) गिरौद को आवेदन किया.










