Sunday, October 4, 2026

यातायात विभाग: गस्ती और वसूली साथ-साथ, पुलिस अधीक्षक की मंशा पर पानी फेर रहा यातायात विभाग, वाहन चैकिंग के नाम पर पुलिस कर्मी कर रहे अपनी जेबें गरम, जांच के नाम पर खर्चा पानी, व्यापारियों को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी

कोरबा। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने, अवैध धंधों को रोकने व यातायात नियमों का पालन कराने के संबंध में जिले की यातायात व पुलिस विभाग किस हद तक सफल हुई है, यह तो हम नहीं जानते, लेकिन ट्रैफिक नियमों की आड़ में जमकर अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है। जिससे शहर का व्यापारी वर्ग काफी परेशान है। कोरबा जिले में चौक चौराहों पर लगातार चेकिंग ट्रैफिक विभाग व पुलिस विभाग के द्वारा की जा रही है।

इससे कोरबा जिले के व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है । ग्रामीण शहर में व्यापार करने आते हैं लेकिन जैसे ही उन्हें चेकिंग की जानकारी मिलती है वे उल्टे पैर वापस लौट जाते हैं इससे व्यापार में काफी नुकसान हो रहा है। शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने की बजाय यातायात पुलिस शहर में वसूली अभियान चलाती नजर आ रही है। यही कारण है कि लंबे समय से चल रहे वसूली के गोरखधंधे से व्यापारी भी परेशान हैं।

गौरतलब है कि शहर की यातायात व्यवस्था की गवाही देते हुए हर दिन जाम के चंगुल में फंसा नजर आता है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई बार कवायद भी शुरू की गई, लेकिन यातायात विभाग के वसूली अभियान के कारण व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया।

उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन यातायात टीम कई जगह पाइंट लगाकर कार्रवाई के नाम पर वसूली अभियान चला रहे हैं। एक वाहन चालक ने नाम न बताने के सर्त पर कहा कि यातायात पुलिस गाडियों के दस्तावेजों व ओव्हरलोड सहित बिल भी दिखाने को कहती है। दिखाने के बाद कई घंटो तक गाडियों को खडी कराई जाती है l

जिला मुख्यालय के शहर के अंदर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है, सडक़ों पर अतिक्रमण देखते ही बनता है, बस स्टैंड पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका, पावर हाउस रोड, टीपी नगर निहारिका व अन्य प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है लेकिन यातायात विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता।ट्रैफिक व्यवस्था किस कदर बदहाल है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के व्यस्ततम टीपी नगर क्षेत्र में बीच सड़क पर ट्रकों को खड़ा कर उन्हें ठीक किया जाता है । यही नहीं इस क्षेत्र की सड़क की दुर्दशा है जिसके कारण भी यातायात व्यवस्था काफी बाधित होती है।

शुरुआती दौर में पुलिस अधीक्षक ने कमान संभाली तो सब की हालात सुधर गये थे, लेकिन अब यातायात विभाग अपने पुराने ढर्रे में पहुंच गया है। ओवरलोड ट्रक, कैप्सूल, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, बस डंके की चोट पर चल रही है, लेकिन इनका हर कहीं से बंधा हुआ है, जिससे इन पर कार्यवाही कभी कभार मात्र दिखावे के लिए की जाती है बाकी राजकाज डंके की चोट पर चल रहा है।

केवल राहगीरों को यातायात नियमों के उल्लंघन के नाम पर परेशान किया जा रहा है। पूरे जिले के अंदर अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है लेकिन किसी को इनके अवैध खेल से कोई लेना-देना नहीं।

शहर के चौक चौराहे,फुटपाथ पर अतिक्रमण फैला हुआ है यातायात पूरी तरह से बाधित हो रहा है लेकिन अवैध वसूली के आगे यातायात विभाग कान में जूं तक नहीं रेंगती।