लोरमी। मुंगेली जिले के चिल्फी पुलिस चौकी प्रभारी का मानवीय चेहरा सामने आया है. जहां भूख प्यास और बीमारी से पीड़ित महिला अपने तीन बच्चों के साथ चिल्फी ग्राम के सड़क किनारे इधर उधर भटक रही थी, जिसकी सूचना मिलते ही चिल्फी पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे. जहां से वे विक्षिप्त महिला को चौकी लाए आए.
वहीं इसको लेकर चिल्फी चौकी के प्रभारी सुशील कुमार बंछोर ने बताया कि उक्त महिला से बातचीत करने पर महिला मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हुई, लेकिन सहानुभूति पूर्वक पूछताछ पर अपना नाम सहेबिन बाई पति संतोष डहरिया उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम मुड़पार सीपत बताई.
वही बच्चों को उसी के संतान होना बताई. महिला के साथ उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे थे, जिसमें एक पुत्र जिसका नाम किशन उम्र 6 वर्ष, एक पुत्री काजल उम्र 4 वर्ष और एक नवजात पुत्र नाम ऋषि कुमार उम्र 3 माह बताई.
उक्त महिला ने चौकी प्रभारी के पूछताछ के दौरान बताया कि उनका मायका पंडरिया जिला कबीरधाम के ग्राम छोटे झरिया में है. उनके मायके वालों ने दुर्व्यवहार करते हुए बच्चों सहित उनको मायके से बाहर निकाल दिए हैं, जिससे हताश होकर वह अपने ससुराल अपने पति के पास ग्राम मुड़पार थाना सीपत जाना चाहती हैं.
पैसे नहीं होने के चलते पैदल ही जा रहे थी, जिसके बाद उक्त महिला का ससुराल ग्राम मुड़पार होने से थाना प्रभारी सीपत के माध्यम से महिला के परिजनों को सुरक्षित होने की जानकारी दी गई.
इसके साथ ही मुंगेली जिले के पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के निर्देश और एसडीओपी माधुरी धिरही के मार्गदर्शन पर उक्त महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर मुंगेली भेजा गया है. जहां उनका देखभाल किया जाएगा.









