कोरबा . डेढ़ साल पहले जंगल में लाैट रही महिला काे अकेला देखकर गांव के दाे लाेगाें ने उससे दुष्कर्म किया था। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक काेर्ट में हुई, जहां दाेषी सिद्ध हाेने पर दाेनाें आराेपी काे 14-14 साल की सजा सुनाई गई।
घटना श्यांग थाना क्षेत्र के तितरदंड जंगल में पिछले साल जून में हुई थी, जहां जंगल से वनाेपज व लकड़ी लेकर लाैट रही महिला काे रास्ते में गांव के दाे लाेग रामकुमार काेरवा व बहादुर काेरवा मिले। उन्होंने महिला काे अकेला पाकर उससे दुष्कर्म किया।
घटना के बाद उन्हाेंने पीड़िता काे किसी काे बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर परिजन काे घटना के बारे में बताया। बाद में परिवार के साथ श्यांग थाना पहुंचकर रिपाेर्ट लिखाई थी। पुलिस ने मामले में धारा 376(घ) का केस दर्ज कर आराेपियाें काे गिरफ्तार कर लिया है।
प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक काेर्ट में चल रही थी, जहां शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता रामकुमार माैर्य पैरवी कर घटना से जुड़े साक्ष्य-सबूत काे मजबूती के साथ पेश करते हुए आराेपियाें पर दाेष सिद्ध कराने में सफल रहे। इसके आधार पर काेर्ट की जज ज्याेति अग्रवाल ने फैसला सुनाया।










