Thursday, April 23, 2026

यूट्यूबर दीपक पटेल के साथ हसदेव के जंगल में माब लिंचिंग जैसी घटना, भीड़ ने किया हमला

यूट्यूबर पर 50 लोगों ने किया हमला, चर्चित हसदेव की घटनाबिलासपुर। सुपरिचित ट्रैवल यूट्यूबर दीपक पटेल (डीके 808) के साथ हसदेव के जंगल में माब लिंचिंग जैसी घटना होते रह गई। 50-60 लोगों की भीड़ ने उन्हें लगभग एक घंटे तक बंधक बनाए रखा, उनका कैमरा और मोबाइल फोन छीन लिया, और पिछले दो महीनों में शूट किए गए सभी डेटा को डिलीट कर दिया। भीड़ ने उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की, लेकिन एक परिचित अधिकारी की मदद से पटेल वहां से बचकर निकलने में सफल रहे।

दीपक पटेल ने इस घटना के बारे में जानकारी दी और बताया कि वे पिछले दो महीनों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों की यात्रा कर रहे थे। जशपुर में कृष्ण जन्माष्टमी का दही हांडी कवर करने के बाद वे मैनपाट में दो दिन रुके और फिर बिलासपुर लौट रहे थे। लौटते समय, वे हरिहरपुर गांव पहुंचे, जहां घाटबर्रा, हरिहरपुर, और आसपास के ग्रामीण कोयला खदान के लिए की जा रही कटाई के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

दीपक पटेल के साथ गरियाबंद की एक यूट्यूबर और राजनांदगांव का एक ब्लॉगर भी थे। जब वे हरिहरपुर गांव में वीडियो शूट कर रहे थे, तब अचानक 50-60 लोगों की भीड़ कई गाड़ियों में वहां पहुंच गई। भीड़ ने उन्हें घेर लिया, जिनमें कुछ ने खुद को अडानी कंपनी का कर्मचारी और कुछ ने अपने को स्थानीय ग्रामीण बताया। उनके साथ पुलिस के कुछ जवान भी थे, जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल थे।

भीड़ ने उनका कैमरा और मोबाइल फोन छीनकर, उन पर सवालों की बौछार कर दी, जैसे – “कहां से आए हो?”, “बाहरी लोगों का आना मना है”, “बिना परमिशन क्यों आए हो?”, “खदान एरिया में क्यों घुसे?” और “एफआईआर दर्ज कराएंगे।”

यह घटना तब और गंभीर हो गई जब भीड़ ने मारपीट की धमकी देनी शुरू कर दी। हालांकि, पटेल एक परिचित अधिकारी की मदद से वहां से सुरक्षित निकलने में सफल रहे। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस तरह की घटनाएं ट्रैवल यूट्यूबर्स के लिए बेहद चिंताजनक हैं।