Thursday, August 20, 2026

ईडी के सामने पेश नहीं होंगे संजय राउत, मांगा समय, बोले- आज मेरी सभा है,…

महाराष्ट्र के सियासी घमासान (Maharashtra Political Crisis) के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्हें ईडी का नोटिस मिला है. राउत को आज सुबह 11 बजे ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश होना है. हालांकि राउत ने अलीबाग में एक सभा के चलते ईडी से समय मांगा है और साफ कहा है कि कानूनी प्रक्रिया को जरूर पूरा करूंगा, चाहे मुझे फांसी पर कोई चढ़ा दे या गर्दन काट ले. बता दें कि संजय राउत को पात्रा चॉल जमीन घोटाला को लेकर समन भेजा गया है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे रोकने के लिए, शिवसेना को रोकने के लिए कुछ लोग आएंगे. महाराष्ट्र के खिलाफ, मुझे और मेरे कुछ साथियों को तकलीफ देंगे. मुझे चाहे कितनी भी तकलीफ दीजिए. चाहे मुझे फांसी पर चढ़ाइए. मेरी गर्दन काट लीजिए. मैं गुवाहाटी में जाने वाला नहीं हूं. मैं ईडी के दफ्तर में जरूर जाउंगा और जो कानूनी प्रक्रिया है उसे फॉलो करूंगा. मैं भागने वाला नहीं हूं.

पात्रा चॉल मुंबई के गोरेगांव इलाके में है, जहां महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का प्लॉट है. पात्रा चॉल जमीन मामले में करीब 1,034 करोड़ के घोटाले का आरोप है. इस मामले में राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की 9 करोड़ रुपये और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है. ईडी प्रवीन राउत को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

नोटिस को लेकर संजय राउत ने कहा कि वो ईडी से टाईम लेंगे, कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे, भागेंगे नहीं. उन्होंने कहा, ‘मुझे ईडी का समन आया है, मजे बात ये है कि मुझे इस इस बात का अंदाजा था कि ईडी मुझए बुलाएगी. मैं घुटने नहीं टेकुंगा, कुछ कुछ भी कर ले.’

सूत्रों की माने तो राऊत की तरफ से ईडी से मंगलवार की व्यवस्तता का हवाला देते हुए समय मांगा गया है लेकिन अभी तक की जानकारी के अनुसार उन्हें समय नहीं मिला है. हालांकि, समय न मिलने पर भी राऊत के ईडी ऑफिस जाने की संभावना कम है.

राउत ने बताया साजिश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना के सांसद संजय राउत को मुंबई की एक चॉल के पुन:विकास और उनकी पत्नी और मित्रों से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़ी धन शोधन की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए तलब किया है. राज्यसभा के सदस्य राउत से कहा गया है कि वह 28 जून को दक्षिण मुंबई में स्थित संघीय जांच एजेंसी के दफ्तर में उसके अधिकारियों के सामने पेश हों और धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज कराएं. राउत ने इस समन को साजिश बताया है और कहा है कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए.

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर हुआ है जब शिवसेना के विधायकों की बगावत की वजह से महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के भविष्य पर सवालिया निशान लगा हुआ है. पार्टी के बागी विधायकों को पहले सूरत और फिर गुवाहाटी ले जाया गया. शिवसेना नीत एमवीए गठबंधन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस अन्य घटक दल हैं.

राउत ने ट्विटर पर कहा, ‘अभी पता चला है कि ईडी ने मुझे तलब किया है. बहुत अच्छे. महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है. हम, बालासाहेब के शिवसैनिक, बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. यह मुझे रोकने की साजि़श है. भले ही आप मेरा सिर काट दें, मैं गुवाहाटी का मार्ग नहीं लूंगा. मुझे गिरफ्तार कीजिए. जय हिंद.’

किस मामले में हो रही राउत पर कार्रवाई?

ईडी ने अप्रैल में इस मामले की जांच के सिलसिले में राउत की पत्नी वर्षा राउत और सांसद के दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी तौर पर कुर्क कर लिया था. ईडी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियां पालघर और ठाणे में भूखंड के रूप में हैं, जिनपर गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक और संजय राउत के सहायक प्रवीण एम राउत का कब्जा है. इसके अलावा मुंबई के दादर में संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत का एक फ्लैट है और अलीबाग के किहिम बीच पर आठ भूखंड हैं, जो वर्षा राउत और स्वप्ना पाटकर की संयुक्त मिल्कियत है. स्वप्ना पाटकर सुजीत पाटकर की पत्नी हैं.

ईडी के मुताबिक, सुजीत पाटकर शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत के करीबी सहयोगी हैं. माना जाता है कि एजेंसी प्रवीण राउत और पाटकर से सांसद के कारोबारी और अन्य संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहती है. साथ ही उनकी पत्नी से संबंधित संपत्ति के सौदों के बारे में एजेंसी पूछताछ कर सकती है. प्रवीण राउत को फरवरी में गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने कहा था कि ऐसा लगता है कि वह मुखौटा की तरह काम कर रहे हैं या कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ उनकी मिलीभगत है.

 

1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले का केस

एजेंसी ने आरोप लगाया था कि अलीबाग में भूमि सौदे में, पंजीकृत मूल्य के अलावा, विक्रेताओं को “नकद” भुगतान भी किया गया था. प्रवीण राउत को ईडी ने फरवरी में मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत गिरफ्तार किया था. वह इस समय न्यायिक हिरासत में है.

ईडी ने पहले बताया था कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड इस ‘चॉल’ के पुनर्विकास में शामिल था, जिसमें महाराष्ट्र आवास क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) से संबंधित 47 एकड़ भूमि पर बने घरों में 672 किरायेदार थे. गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) की सहायक कंपनी है.