कोरबा। कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल द्वारा अपने निज सचिव के रूप में पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र निवासी दिलीप पटेल की नियुक्ति के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस फैसले को लेकर भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नाराजगी जताई है।
दिलीप पटेल पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) पाली मंडल के अध्यक्ष रह चुके हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से संगठन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर दूसरे विधानसभा क्षेत्र के व्यक्ति को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना कई सवाल खड़े करता है।
नाराज कार्यकर्ताओं का यह भी तर्क है कि दिलीप पटेल कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, इसलिए वे विधायक प्रेमचंद पटेल के निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मतदाता भी नहीं रहे। इसके बावजूद उन्हें विधायक का निज सचिव बनाए जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया है।
कुछ कार्यकर्ताओं ने दिलीप पटेल की कार्यशैली और व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विधायक के करीबी लोगों के साथ भी कई बार उनकी बहस और विवाद की स्थिति बन चुकी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और संगठनात्मक संतुलन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वहीं कुछ लोग इसे जातीय समीकरणों से जोड़कर भी देख रहे हैं।
हालांकि, विधायक प्रेमचंद पटेल और उनके निज सचिव बनाए गए दिलीप पटेल की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।









